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8 दिन से टनल में फंसे 40 मजदूरों को निकालने के लिए क्या हो रहा है, इन 3 अधिकारियों ने बताया

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द फॉलोअप डेस्क:

बीते रविवार को उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल के धंसने से फंसे 40 मजदूरों को निकालने का काम जारी है। हादसे को अब 7 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं और मजदूरों को नहीं निकाला जा सका है। खबरे हैं कि अब मजदूरों को निकालने के लिए पहाड़ के ऊपर से ड्रिलिंग कर रास्ता बनाया जाएगा। बता दें कि हादसे में टनल में फंसे श्रमिकों में से 15 लोग झारखंड के भी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारियों का एक दल उत्तरकाशी में घटनास्थल पर मौजूद है। इस बीच समाचार एजेंसी से बातचीत में उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त और एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु खलखो ने अहम जानकारियां साझा की है। तीनों ने सकारात्मक बातें बताई है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में अच्छी प्रगति की बात कही
उत्तरकाशी के एसपी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में अच्छी प्रगति हुई है। जल्द ही वहां एक और वैकल्पिक लाइफलाइन तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार इसका एरिया बड़ा होगा ताकि और अधिक चीजें टनल में फंसे श्रमिकों तक पहुंचाई जा सके। एसपी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि राज्य सरकार ने समन्वय के लिए एक वरीय आईएएस अधिकारी को भी नियुक्त किया है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन व्यवस्थित तरीके से चल रहा है। यह अच्छी दिशा में बढ़ रहा है। 

बीआरओ इलाके में बना रहा है अप्रोच रोड
मामले में एनएचआईडीसीएल के निदेशक अंशु खलखो ने कहा कि डीआरडीओ ने 20 और 50 किलो के वजन वाले 2 रोबोट भेजे हैं। उन्होंने बताया कि ये रोबोट जमीन पर चलते हैं और अभी जमीन रेत की तरह का व्यवहार कर रही है। अंशु खलखो ने बताया कि हमें संदेह है कि वहां रोबोट चल भी पाएंगे या नहीं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जरूरी सभी मशीनरी मंगाई जा रही है। सभी मशीनें यहां एक-दो दिन में आएंगी। इस बीच बीआरओ दोनों छोरों पर सड़क बना रहा है। उन्होंने कहा कि कई मशीनें भारी हैं और उनको हवाई मार्ग से नहीं लाया जा सकता। इसलिए उनको हवाई मार्ग से लाया जा रहा है। 

इधर, उत्तरकाशी के सिल्कयारा टनल में फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए जारी रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर जिले के उपायुक्त अभिषेक रूहेला ने बताया कि यह अभी उन्नत चरण में है। जल्द ही आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। बीआरओ वहां एक अप्रोच रोड का निर्माण कर रहा है। उम्मीद है कि कल सुबह तक यह काम हो जाएगा। 

बीते रविवार को निर्माणाधीन टनल में फंसे 40 लोग
बता दें कि बीते 8 दिन से 40 श्रमिक टनल में फंसे हैं। हालांकि, श्रमिक जिस स्थान पर फंसे हैं वहां वे 2 किमी तक घूम-फिर सकते हैं। उनको बाहर से पाइपलाइन के जरिए चना, गुड़ और ड्राई-फ्रूट्स भेजे जा रहे हैं। पानी दी जा रही है। श्रमिक जहां फंसे हैं वहां पानी और बिजली की सुविधा भी उपलब्ध है।