द फॉलोअप डेस्क
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में गुरुवार (22 दिसंबर) को हुई सेना के जवान और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में 5 जवान शहीद हो गए हैं। जबकि 3 घायल हुए हैं। वहीं अब सेना के जवानों ने अंताकियों की खोज शुरू कर दी है। राजौरी में तेजी से अंताकियों की तलाशी का अभियान चलाया जा रहा है। इसे लेकर इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है। वहीं अधिकारियों ने बताया है कि 22 दिसंबर को सेना को तीन शव मिले हैं। इनकी पहचान टोपा पीर निवासी सफीर हुसैन (43), मोहम्मद शौकत (27) और शब्बीर अहमद (32) के रूप में की गई। इन्हें सेना पर हुए हमले में संदिग्ध माना जा रहा था।

5 जवान शहीद हुए थे
गुरुवार को रजौरी के सुरनकोट तहसील में बफलियाज पुलिस स्टेशन मंडी रोड के पास घात लगाए आतंकियों ने सेना की गाड़ी पर हमला किया था। इस हमले में 5 जवान शहीद हुए थे जबकि 3 घायल हुए थे। घटना के बाद आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच फायरिंग हुई। थन्नामंडी डीकेजी बुफलियाज़ रोड बंद कर दिया गया। गाड़ी में लगभग 48 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान सवार थे। सभी इलाके में चल रहे आतंकियों के खिलाफ संयुक्त अभियान को मजबूत करने जा रहे थे।

चार आतंकियों ने हमला किया था
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 8 आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया था। आतंकियों ने अमेरिकी M-4 कार्बाइन असॉल्ट राइफल से स्टील बुलेट फायर की थीं। ये स्टील बुलेट सेना के वाहनों की मोटी लोहे की चादर को पार करते हुए जवानों को लगीं। इसमें पांच जवान शहीद हो गए। दो जवान घायल हैं, जिनकी हालत गंभीर है। पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकियों ने सोशल मीडिया पर हमले वाली जगह की तस्वीरें भी जारी कीं, जिसमें M-4 राइफल के इस्तेमाल का दावा किया गया है। सूत्रों के अनुसार, M-4 राइफल आतंकियों के पास पाकिस्तानी हैंडलरों से आई थी। ये राइफल उस जखीरे का हिस्सा है जो अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से जाते समय वहां छोड़ गए थे।