द फॉलोअप डेस्क
भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में नई दिल्ली के किसान घाट पर किसान यूनियनों की महापंचायत के आह्वान के बीच, हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को अंबाला जिले के शंभू में हरियाणा-पंजाब बॉर्डर को सील कर दिया। पुलिस ने विरोध प्रदर्शन से पहले हरियाणा में अलग-अलग जगहों पर कई किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया। हरियाणा पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि शंभू बॉर्डर पर पैरामिलिट्री फोर्स समेत सुरक्षा बलों की करीब 15 कंपनियां तैनात की गई थीं। पुलिस के मुताबिक, सैकड़ों किसान पहले ही बॉर्डर पर जमा हो गए थे और महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली की ओर मार्च करने की योजना बना रहे थे।

प्रदर्शनकारियों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस ने किये ये उपाय
प्रदर्शनकारियों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस ने कई बैरिकेड लगाए और शंभू में घग्गर नदी पर बने पुल पर सीमेंट के ब्लॉक रख दिए। हरियाणा और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक के वैकल्पिक इंतजाम भी किए गए। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और हरियाणा में बीजेपी सरकारें उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने से रोक रही हैं। उन्होंने दावा किया कि महापंचायत से पहले हरियाणा में कई जगहों पर यूनियन नेताओं और किसानों को हिरासत में लिया गया।

मुद्दे को सिर्फ किसानों की चिंता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए
खासकर पंजाब और हरियाणा में किसान संगठन कई महीनों से भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने पहले कहा था कि किसानों, मजदूरों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित समझौते का एकमत से विरोध किया है। उनका तर्क है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, युवाओं और आम जनता के हितों के खिलाफ है। चढूनी ने कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील से खेती, रोजगार और देश की आत्मनिर्भरता पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सिर्फ किसानों की चिंता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह पूरे देश के हितों से जुड़ा मामला है, और उन्होंने इस आंदोलन में आम लोगों की बड़ी भागीदारी की अपील की।
