द फॉलोअप डेस्क:
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को लेकर उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बड़ा खुलासा किया है। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने समाचार एजेंसी एएनआई से खास बातचीत में बताया कि उनके पिता प्रणब मुखर्जी भी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा रखते थे लेकिन उनको यह अच्छी तरह से पता था कि वह नहीं बन सकते। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता से हुई बातचीत का हवाला देते हुए बताया कि सोनिया गांधी नहीं चाहती थी कि कोई ऐसा व्यक्ति प्रधानमंत्री बने जो उनके परिवार की सत्ता को चुनौती दे सकता है।
#WATCH | Gurugram: On being asked if his father wanted to be the Prime Minister, Author and Daughter of former President Pranab Mukherjee, Sharmistha Mukherjee says, "Yes, he wanted to become the PM, but he knew that he couldn't become one, so he was not in some disillusionment… pic.twitter.com/5PSu0e4UTp
— ANI (@ANI) December 6, 2023
प्रणब मुखर्जी जानते थे कि पीएम नहीं बनेंगे
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि उनके पिता को प्रधानमंत्री बनने की इच्छा थी लेकिन उनको यह भ्रम नहीं था कि वह सच में प्रधानमंत्री बन ही जाएंगे। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि मैंने पिताजी से पूछा था कि क्या वह प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, जवाब में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि कोई भी गंभीर नेता प्रधानमंत्री बनना चाहता है लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि मैं देश का पीएम बनूंगा ही। बकौल शर्मिष्ठा मुखर्जी, उनके पिता को लगता था कि सोनिया गांधी ने मान लिया था कि वह उनकी सत्ता को चुनौती दे सकते हैं। प्रणब मुखर्जी के मुताबिक सवाल यह नहीं था कि मैं उनको चुनौती देता या नहीं लेकिन सोनिया गांधी को लगता था कि मैं उनको चुनौती दे सकता हूं।

सोनिया गांधी ने परिवार के हितों की रक्षा की!
शर्मिष्ठा मुखर्जी के मुताबिक उनके पिता को लगता था कि सोनिया गांधी ने अपने परिवार के हितों की रक्षा की। उन्होंने ऐसे व्यक्ति को पीएम बनाया जो उनके मुताबिक उनके परिवार के हितों को चुनौती नहीं देता। दरअसल, शर्मिष्ठा मुखर्जी ने एक किताब लिखी है जिसका नाम 'प्रणब माय फादर: ए डॉटर रिमेम्बर्स' है।
31 अगस्त 2020 को हुआ था प्रणब मुखर्जी का निधन
गौरतलब है कि देश के 13वें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 31 अगस्त 2020 को निधन हो गया था। पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिला स्थिल मिराती गांव में जन्मे प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते थे। 1982 में उनको पहली बार देश का वित्त मंत्री बनने का मौका मिला। 1995-96 में प्रणब मुखर्जी विदेश मंत्री रहे। मनमोहन सिंह सरकार में भी उन्होंने कई मंत्रालय संभाले।