द फॉलोअप डेस्क:
पश्चिम बंगाल की आसनसोल संसदीय सीट से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी या कोई और व्यक्ति मेरा नेता नहीं है। मेरी नेता केवल ममता बनर्जी हैं। उन्होंने कहा कि मैं ममता दीदी के साथ था, हूं और हमेशा रहूंगा। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यह समय ममता बनर्जी को छोड़ने का नहीं था। यह एकता दिखाने का समय है। सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि ममता बनर्जी एक परिपक्व और अनुभवी नेता हैं। दरअसल, ऐसी चर्चा थी कि टीएमसी के बागी हुए 19 सांसदों की सूची में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी शामिल है।
हालांकि, कीर्ति आजाद ने पहले ही अटकलों को खारिज किया था और कहा था कि यदि शत्रुघ्न सिन्हा भी भारतीय जनता पार्टी में वापस चले जाएंगे तो इंसानियत पर मेरा यकीन खत्म हो जायेगा।
#WATCH | Delhi: TMC MP Shatrughan Sinha says, "I was with Mamata Didi, I am with Mamata Didi and I will always be with Mamata Didi... Neither Abhishek Banerjee nor anyone else is my leader. My leader is only Mamata Banerjee... This was the time to show unity and stand with Mamata… pic.twitter.com/ImL9tMpfuQ
— ANI (@ANI) June 12, 2026
आसनसोल से सांसद हैं शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने गुरुवार को समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उनके बागी गुट में शामिल होने की खबरों को बेबुनियाद बताया था। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि मैं साफ और सच्ची बात करता हूं। मेरा व्यक्तित्व ही बेबाक है और यदि बेबाकी को बगावत कहते हैं तो हां मैं बागी हूं। उन्होंने कहा था कि 2019 का लोकसभा चुनाव हारने के बाद जब मैं मुश्किल में था और अकेला था, तब ममता बनर्जी मेरे साथ थीं। उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी ने मुझे बुलाया और आसनसोल से उपचुनाव लड़ाया। मैं भारी अंतर से जीता और फिर 2024 में यहां से प्रचंड जीत मिली। जो ममता बनर्जी मुश्किल समय में मेरे साथ खड़ी थीं, मैं उनके मुश्किल समय में उनको कैसे छोड़ सकता हूं। उन्होंने कहा कि बागी गुट में शामिल होने या एनडीए के पक्ष में जाने की खबरों पर कोई सच्चाई नहीं है।

तृणमूल कांग्रेस में भगदड़ मच गयी है
गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद तृणमूल कांग्रेस में भगदड़ मची है। पहले तो ऋतब्रत के नेतृत्व में 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया तो वहीं लोकसभा में 28 में से 19 सांसदों ने बगावत कर दी और एनडीए को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इसमें सबसे चौंकाने वाला नाम सायोनी घोष का रहा, क्योंकि पूरे चुनाव में वह ममता देवी के सबसे करीब नजर आ रही थीं।
भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ उन्होंने मोर्चा खोल रखा था। एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने राघव चड्ढा को लेकर कहा था कि मैं घोष हूं चड्ढी नहीं हूं। राज्यसभा सांसदों का भी एक-एक कर इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है।