दे फॉलोअप डेस्क
राजस्थान की राजधानी जयपुर एक सनसनीखेज घटनाक्रम के कारण चर्चा में है। मंगलवार को जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रायपुर यूनिट ने कूकस क्षेत्र स्थित फेयरमाउंट होटल में महादेव बेटिंग ऐप मामले को लेकर छापा मारा। इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य सौरभ आहूजा था, जो अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ा एक वांछित आरोपी है। ED की टीम के पहुंचने से पहले ही सौरभ आहूजा अपनी शादी के मंडप से फरार होने में कामयाब रहा, हालांकि ED ने तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया और उन्हें रायपुर ले गई।
6,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का नेटवर्क
महादेव बेटिंग ऐप, जिसे ऑनलाइन बुक के नाम से भी जाना जाता है, भारत में सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म में से एक है। यह प्लेटफॉर्म फुटबॉल, क्रिकेट और पोकर जैसे कार्ड गेम्स पर करोड़ों रुपये की अवैध सट्टेबाजी की सुविधा प्रदान करता है। ED के अनुसार, इस नेटवर्क ने हवाला और बेनामी खातों का उपयोग करके लगभग 6,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की है। इस मामले के मुख्य आरोपी, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल, पहले ही दुबई में हिरासत में लिए जा चुके हैं और उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है। सौरभ आहूजा, जो इस नेटवर्क का एक प्रमुख संदिग्ध है, जयपुर में अपनी शादी के दौरान ED के निशाने पर था। सूत्रों के मुताबिक, ED को गुप्त सूचना मिली थी कि आहूजा और अन्य संदिग्ध एक शादी समारोह में मौजूद थे।
ED की छापेमारी
सूचना मिलने पर, ED की रायपुर यूनिट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फेयरमाउंट होटल के कई कमरों की तलाशी ली। छापेमारी के दौरान, कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। हालांकि सौरभ आहूजा मंडप छोड़कर भागने में सफल रहा। इसके बावजूद, तीन अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनके नाम अभी उजागर नहीं किए गए हैं। इन संदिग्धों को रायपुर ले जाया गया है, जहां उनसे मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत पूछताछ की जा रही है।
जयपुर और महादेव बेटिंग ऐप, पहले भी रहा है रडार पर
यह पहली बार नहीं है जब जयपुर इस मामले में ED के रडार पर आया है। इससे पहले, 16 अप्रैल 2025 को ED ने जयपुर के सोडाला क्षेत्र में एक ड्राई फ्रूट व्यापारी भरत दाधीच के फ्लैट पर छापा मारा था। जांच में पता चला कि कई प्रमुख व्यवसायियों के वित्तीय खाते महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े हैं, और डिजिटल साक्ष्य अवैध लेनदेन की ओर इशारा करते हैं। इसके अलावा, ED ने देशभर में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, भोपाल और छत्तीसगढ़ सहित 50 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है। अब तक, इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 3.29 करोड़ रुपये नकद, 573 करोड़ रुपये की सिक्योरिटीज और डीमैट खाते जब्त किए गए हैं।
