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भारतीय परिवारों में दामाद के आतिथ्य और सम्मान का अलग स्थान है। देश के हर हिस्से में ससुरालवाले अपनी क्षमता से बढ़कर दामाद की खातिरदारी करने की कोशिश करते हैं। अगर ससुराल में दामाद के आने की खबर मिल जाए तो 3-4 दिन पहले से ही लोग तैयारियों में जुट जाते है। दामाद के प्रसंद का ससुराल में खासा ध्यान रखा जाता है। तरह तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं और बहुत सारे तोहफे भी दिए जाते हैं। खासकर सास अपने दामाद की पसंद की सारी चीज़ें बनाने की कोशिश करती हैं। घर पर 8-10 तरह का पकवान तो बन ही जाते हैं। लेकिन क्या कभी आपने ये सुना है कि किसी दामाद के घर आने पर 173 पकवान बनाए गए हों। तो चलिए आज हम ऐसी ही एक कहानी आपको बताते हैं।

संक्रांति पर्व के अवसर पर किया आमंत्रित
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी ज़िले के भीमावरम में ऐसा हुआ है। यहां के एक कस्बे के व्यवसायी टाटावर्ती बद्री ने अपने हैदराबाद निवासी दामाद चावला पृथ्वीगुप्त और बेटी श्री हरिका को संक्रांति पर्व के अवसर पर आमंत्रित किया और उनके लिए घर पर 173 प्रकार के व्यंजनों की व्यवस्था की। इनमें कई खास व्यंजन थे। जिनमें पूरी, बज्जी, हलवा, करेला, पापड़, अचार, मिष्ठाई, शीतल पेय और गोली सोडा सहित कई और आइटम शामिल थे। इनकी यह तैयारी जब दामाद और बेटी ने देखी तो वो हैरान रह गए। इसके साथ ही उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

2 साल बाद घर आए बेटी-दामाद
ससुर बद्री ने बताया, 'मेरी बेटी और दामाद पिछले 2 साल से कोविड प्रतिबंधों के कारण हमारे घर नहीं आ पाए थे। इन दो वर्षों में हम अपनी बेटी और दामाद के साथ संक्रांति का त्योहार भी नहीं मना पाए थे। लेकिन इस साल हमने साथ में यह त्योहार सेलिब्रेट किया है।

4 दिन पहले से चल रही थी तैयारी
वहीं सास संध्या ने बताया कि पूरे 4 दिन पहले से रसोई में इसकी तैयारी चल रहीं थी। बड़ी मेहनत से सारे पकवान बनाए और बहुत प्यार से उन्हें परोसा। बेटी दामाद ने भी बहुत ही चाव के साथ सारे पकवानों का स्वाद लिया। डाइनिंग टेबल पर बाकायदा इन्हें सजाया गया और हर व्यंजन पर उसके नाम की पर्ची भी लगाई गई। ये इतने सारे व्यंजन थे जिन्हें देखकर लग रहा था कि कोई शादी ब्याह का मौका हो। शादी में भी अमूमन इतने सारे व्यंजन नहीं परोसे जाते हैं। अपनी ससुराल में ऐसा भव्य स्वागत देखकर दामाद भी बहुत खुश नजर आए।