द फॉलोअप डेस्क:
जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी के अलावा लेफ्ट विंग के स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले छात्रों का आंदोलन जारी है। सोमवार को छात्रों का समूह संसद भवन की ओर भारी बारिश के बीच संसद भवन की ओर मार्च कर रहा है। संसद का मानसून सत्र चल रहा है। इस बीच आरजेडी के विधायकों और सांसदों ने छात्रों के समर्थन में पटना में बिहार विधानमंडल के सामने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सांसदों और विधायकों ने कहा कि देश की शिक्षा के साथ खिलवाड़ बंद किया जाना चाहिए। छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
मोदी सरकार शर्म करो!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) July 20, 2026
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो!
नरेंद्र मोदी माफी माँगो!
देश की शिक्षा के साथ खिलवाड़ बंद करो!
छात्रों, युवाओं के साथ खेलना बंद करो!
राष्ट्रीय जनता दल के माननीय विधायक गण एवं माननीय विधान पार्षदों ने महागठबंधन के साथियों के साथ मिलकर बिहार विधानमंडल के परिसर… pic.twitter.com/0EIxtbw5Wj
संसद में गूंजी छात्रों की आवाज
इस बीच संसद सत्र के दौरान राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मैं लाखों छात्रों के भविष्य की बात करने आया हूं। जंतर-मंतर पर हजारों बच्चे आए हैं। उनपर लाठीचार्ज हो रहा है। सरकार में उनकी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि नीट घोटाला शिक्षा व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी छात्रों का समर्थन करने जंतर-मंतर पर पहुंची।
Paper Leaks के खिलाफ, बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं, लेकिन उनके ऊपर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 20, 2026
मोदी सरकार हमारे युवा की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है। pic.twitter.com/Bvgd1LxRYx
जंतर-मंतर पर पहुंचीं डिंपल यादव
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हम चाहते हैं कि छात्रों की बात सुनी जाए। पानी सिर से ऊपर जा चुका है। देश में किसान, युवा, छात्र सब परेशान हैं। कोई उनकी बात सुनने को राजी नहीं है। कम से कम परीक्षायें तो समय पर होनी चाहिए।
NEET है या CHEAT है? pic.twitter.com/kImncc6SsY
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 20, 2026
सरकार नहीं ये अहंकार है: अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि बच्चों पर लाठीचार्ज हुआ है। मैंने अपने सांसदों को निर्देश दिया है कि वे जंतर-मंतर पर जाएं। जिन बच्चों को चोट लगी है, उनसे बातचीत करे और उनका हालचाल लें। यह सरकार नहीं अहंकार है। बच्चे तो केवल इतना चाहते हैं कि उनकी बात सुनी जाए, लेकिन सरकार में अहंकार इतना है कि उनकी बात नहीं सुनना चाहते।
