द फॉलोअप डेस्क:
केंद्रीय कैबिनेट ने नीट पेपर लीक के खिलाफ देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच पेपर लीक संसोधन विधेयक को मंजूरी दी है। कैबिनेट की मीटिंग में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट-2024 को और सख्त बनाने का फैसला किया है। अगले सप्ताह मानसून सत्र के दौरान संशोधित विधयेक को संसद में पेश किया जा सकता है। इस बिल में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये का जुर्माना जैसे प्रावधान होंगे। इसके अलावा बिल के जरिये स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट लीगल बैंकिंग मिलेगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट को यह अधिकार होगा कि वह 3 महीने में जांच करके फैसला दे।
गौरतलब है कि गुरुवार को पीएम मोदी ने वीडियो जारी करके कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है। उन्होंने इसे लाखों छात्रों और उनके परिवारों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा था कि सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने जा रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी की 2 मांगों पर सहमति
गौरतलब है कि आज ही कॉंस्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के वीपी हाउस में केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। इसमें कॉकरोच जनता पार्टी की 3 में से 2 मांगों पर केंद्र सरकार ने सहमति जताई है। केंद्र सरकार नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देगी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेगी। हालांकि, केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सहमति नहीं जताई, जिसके लिए सीजेपी ने उन्हें 24 घंटे का वक्त दिया है।
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने छात्र डेलिगेशन से बातचीत की।