द फॉलोअप डेस्क, दिल्ली:
केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने कुछ अपवादों के साथ सेवानिवृत्त अग्निवीर को अर्धसैनिक बलों में नौकरी देने की अलग श्रेणी बनाई है। नित्यानंद राय ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और असम राइफल्स में सीएपीएफ और एआर में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी/राइफलमैन) के पद पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए नई श्रेणी बनाई है।
सेना भर्ती के लिए अग्निपथ नई स्कीम
गौरतलब है कि पिछले साल सेना में भर्ती के लिए केंद्र की मोदी सरकार नई योजना लाई थी जिसे अग्निपथ योजना कहा गया। इस योजना के तहत सेना में भर्ती युवाओं को अग्निवार कहा जाता है। इनका कार्यकाल 4 साल का होता है। इस पद में भर्ती के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 17 वर्ष तय की गई है। शुरुआत में इस योजना का देशव्यापी विरोध हुआ। विपक्ष अब भी इस योजना के औचित्य पर सवाल उठा रहा है। पहले चरण में 46,000 अग्नीवीरों की भर्ती की गई थी। सरकार ने कहा था कि प्रतिवर्ष अग्निवीर के रूप में नियुक्त हुए कुल सैनिकों में से 25 फीसदी सैनिकों को अर्धसैनिक बलों में स्थायी नियोजन दिया जाएगा।

अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में आया बड़ा बदलाव
गौरतलब है कि इस वर्ष फरवरी माह में भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया है। इस बदलाव के तहत अग्निवीर बनने के इच्छुक युवाओं को पहले ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। इसके बाद उनका शारीरिक और मेडिकल परीक्षण होगा। पहले फिजिकल टेस्ट पास करने वाले अभ्यर्थियों को मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाता था। 15 जनवरी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होगी।