द फॉलोअप डेस्क
मध्यप्रदेश के शहडोल में 45 दिन के बच्चे की गर्म चूड़ी से दागने से मौत हो गई। दरअसल, बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर दाई ने बच्चे के पेट पर चूड़ी गर्म कर कई बार दागा था। जिससे बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। गंभीर हालत में बच्चे को 21 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे के पेट पर सूजन और दागने के काफी निशान थे। गंभीर हालत में बच्चे को PICU में भर्ती किया गया। जहां जिंदगी की जंग बच्चे ने 8 दिन तक लड़ी। अंतत: 29 दिसंबर को वह यह जंग हार गया।

चूड़ी से बच्चे को पेट पर कई बार दागा
शहडोल जिले की बंधवा की रहने वाली रामबाई अपने मायके उमरिया के बकेली गई थी। यहां बच्चे राजन की तबीयत बिगड़ गई। गांव में इलाज नहीं मिलने पर रामबाई की मां दाई को बुला लाई। दाई ने घर में चूड़ी से बच्चे को पेट पर कई बार दागा। इसके बाद उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। बच्चे को झटके आने लगे। अस्पताल प्रबंधन ने बताया, 21 दिसंबर को परिजन 1 माह 15 दिन के बच्चे को लेकर आए थे। उसकी सांसें काफी तेज चल रही थी। पेट पर सूजन और दागने के काफी निशान थे। बच्चे को गंभीर हालत में PICU में भर्ती किया गया। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
शहडोल से अंधविश्वास का यह पहला मामला नहीं है। ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। करीब 8 दिन पहले तीन माह की निमेनिया से पीड़ित बच्ची की गर्म लोहे से दागने से मौत हो गई। उसके पेट पर 10 से ज्यादा बार दागने के निशान थे। परिजन का कहना है कि बच्ची को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसे लोहे से दगवा दिया। वहीं 1 महीने पहले शहडोल में बच्चे को अगरबत्ती से 51 जगह दागने का मामला सामने आया था।