द फॉलोअप टीम, रांचीः
नेता विधायक दल व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर कोर्ट और निर्वाचन आयोग की अवमानना व अपमान करने का आरोप लगाया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हेमन्त सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपने तरीके से चलाना चाहती है। अपने फायदे के हिसाब से फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि रूपा तिर्की मामले में हाईकोर्ट के आदेश की खिल्लियां उड़ाई जा रही है। कोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक एफआईआर नहीं करना कोर्ट की अवमानना है। उन्होंने हेमन्त सरकार को आदिवासी विरोधी भी बताया।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच
बाबूलाल ने कहा कि रूपा तिर्की की मौत के बाद परिवार और आम लोगों को सीबीआई जांच की मांग के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ा लेकिन हेमन्त सरकार के कान में जू तक नहीं रेंगा। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच हुई। अफसरशाही प्रदेश में इस कदर हावी है कि एक मृतक रूपा तिर्की को भी हेमन्त सरकार के अफसर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते रहे, जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ। इस पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं कि, आखिरकार हाईकोर्ट ने बरहरवा के तत्कालीन डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा और बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत चार पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। किन्तु अब तक एफआईआर नहीं होना हेमन्त सरकार के कार्यशैली पर स्पष्ट सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग किया कि कोर्ट के आदेशानुसार एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करते हुए जेल भेजा जाए।

देवघर डीसी पर अब तक कार्रवाई नहीं
बाबूलाल मरांडी ने देवघर डीसी के खिलाफ निर्वाचन आयोग द्वारा कार्रवाई के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हेमन्त सरकार लगातार संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है। देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ आदेश के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होना सरकार के इरादे की ओर इंगित करता है।