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तबाही मचाने आ रहा है चक्रवाती तूफान "जवाद"! इस दिन से तेज हवा के साथ होगी मूसलाधार बारिश

तबाही मचाने आ रहा है चक्रवाती तूफान "जवाद"! इस दिन से तेज हवा के साथ होगी मूसलाधार बारिश

द फॉलोअप टीम, डेस्क: 

चक्रवाती तूफान जवाद जल्द ही दस्तक देने वाला है। इस तूफान की वजह से तटीय इलाकों में भारी बारिश होगी। तेज गति से हवाएं चलेंगी। बंगाल की खाड़ी से उठा ये तूफान 3 दिसंबर की मध्य-रात्रि को बंगाल के तटीय इलाकों तक पहुंचेगा। उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इसका सबसे व्यापक प्रभाव पड़ेगा। 

तटीय इलाकों में चलेंगी खूब तेज हवायें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने बताया कि 4 दिसंबर की दोपहर को तटीय इलाकों में हवा की गति 60 से 80 कमी प्रति घंटा होगी। प्रभावित इलाकों में लोगों को घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की भी संभावना है। ओडिशा के 4 जिलो में रेड अलर्ट जारी किया गया है। 7 जिलों मे मूसलाधार बारिश की आशंका के बीच ऑरेंज अलर्ट जार किया गया है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 3 से 5 दिसंबर तक समुद्र की तरफ ना जायें। समुद्री लहर काफी ऊंची उठेगी। खतरा है।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र
ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भारतीय रेलवे ने जवाद के खतरे को देखते हुए कुल 96 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। कहा जा रहा है कि उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में जवाद तूफान खूब कहर बरपायेगा। अंडमान सागर और उससे सटी बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से अगले कुछ घंटों तक यहां डिप्रेशन बना रहेगा। तूफान बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा।

तटवर्ती इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश
मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम से उत्तरी आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल में मौसम की स्थित खराब होगी। तेज हवा के साथ बारिश होगी। घने बादल छाए रहेंगे। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि लैंडफॉल स्टेज तक पहुंचने से पहले ये भीषण चक्रवात का रूप लेकर तबाही मचाएगा। सऊदी अरब ने इस तूफान का नाम जावद रखा है। 

चक्रवाती तूफान को जवाद क्यों कहा गया! 
3 दिसंबर की मध्यरात्रि को बंगाल की खाड़ी में तूफान विकसित हो सकता है। हवा की गति 117 किमी प्रति घंटा तक रहेगी। आंध्र प्रदेश, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होगी उत्तरी महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश की चेतावनी जारी की गयी। जवाद का मतलब दयालू होता है। कहा जा रहा है कि ये पूर्ववर्ती चक्रवाती तूफानों के मुकाबले कम नुकसान पहुंचाने वाला होगा, इसलिए इसका नाम जावद रखा गया है। लोगों को सतर्क रहना होगा।