द फॉलोअप टीम, डेस्क:
चक्रवाती तूफान जवाद खतरनाक रूप लेता जा रहा है। मिल रही जानकारी के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव की वजह से उठा चक्रवात तेजी से तटवर्ती इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि हवा की रफ्तार न्यूनतम 100 किमी प्रति घंटा होगी। इस बीच विशाखापत्तनम के कैलाशगिरी में एनडीआरएफ की टीम ने मार्च किया और लोगों को सतर्क रहने को कहा। लोगों से कहा कि वे घरों में ही रहें, बाहर ना निकलें।
आंध्र के तटीय इलाकों में मध्यम दर्ज की बारिश
अमरावती में मौसम विज्ञान विभाग की निदेशक स्टेल सैमुअल ने कहा कि उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। गरज के साथ बारिश होगी। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र में ना जायें। बंगाल की खाड़ी के ऊपर 90 से 100 किमी की रफ्तार से हवायें चलेंगी। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

अगले 6 घंटों में चक्रवाती तूफान दिखाएगा प्रभाव
सैमुअल स्टेला ने कहा कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दवाब उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ सकता है। अगले 6 घंटे में ये चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जायेगा। 4 दिसंबर की सुबह तक उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तक चक्रवाती तूफान जवाब पहुंच जायेगा। तटवर्ती इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश होगी।
पर्यटन विभाग ने ये अहम आयोजन रद्द कर दिया
ओड़िशा के पर्यटन विभाग ने कोर्णाक में आयोजित होने वाले कोर्णाक महोत्सव और अंतर्राष्ट्रीय रेत कला महोत्सव को बंद करने का फैसला किया। पर्यटन विभाग ने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट और विशेष राहत आयुक्त की सलाह के मुताबिक चक्रवाती तूफान जवाद जल्द ही तटवर्ती इलाकों से टकरायेगा। एहतियातन आयोजन रद्द किया जाता है। पर्यटन विभाग ने कहा कि आयोजन रद्द करने का बहुत खेद है।