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गंगा का पानी हुआ निर्मल तो घाटों पर अठखेलियां करती नजर आयी 'डॉल्फिन'

गंगा का पानी हुआ निर्मल तो घाटों पर अठखेलियां करती नजर आयी 'डॉल्फिन'
द फॉलोअप टीम, पटना:

इन दिनों बिहार में लॉकडाउन जारी है। इस वजह से गंगा नदी के किनारे घाटों पर लोगों का आना जाना कम है। इस वजह से गंगा की पानी निर्मल हो गया है। इस वजह से गंगा गुलबी घाट, त्रिवेणी घाट और खाजकेलां घाट पर डॉल्फिन अठखेलियां करती नजर आईं। इन घाटों पर डॉल्फिन पहली बार नजर आई है। 

गंगा में बढ़ी डॉल्फिन की संख्या
गंगा नदी में आसानी से डॉल्फिन देखा जा सकता है। वहीं हाजीपुर के कोनहारा घाट से करीब दो किमी दूरी पर भी डॉल्फिन देखी गई है। इस साल जनवरी और फरवरी के बीच में कोसी नदी में हुए सर्वे में 194 डॉल्फिन मिले इससे बिहार में 1448 से बढ़कर 1642  डॉल्फिन हो गए। ये काफी सुखद संकेत हैं। 


विशेषज्ञों ने दी ये अहम जानकारी
विशेषज्ञों के अनुसार 12 महीनों से गंगा नदी में डॉल्फिन के प्रजनन के लायक वातावरण है।  अगली सर्वे में 30 फीसदी डॉल्फिन की बढ़ने की संभावना है। जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में कोसी नदी में 194 डॉल्फिन पाई गई है। इसका मतलब यह है कि कोसी में डॉल्फिन के लिए अच्छा वातावरण है। इसकी वजह है साफ पानी, नदी की गहराई और पर्याप्त भोजन मिलना। बाकी मछलियां अंडे देती है लेकिन डॉल्फिन बच्चे को जन्म देती है।