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सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ख़ास वक्तव्य हूबहू-जानिए

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हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री:

झारखंडी सरकार, जो राज्य के लोगों के आशीर्वाद से बनी थी उसके आज दो साल पूरे हो गए हैं। आज झारखंडी सरकार के दो वर्ष पूरा होने के अवसर पर सभी झारखंडवासियों को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ और जोहार। साथियों झारखण्ड निर्माण की कहानी यहाँ के भूमिपुत्रों के लम्बे संघर्ष एवं कुर्बानियों की कहानी है। संघर्षो की मूर्ति हम अपने महापुरुषों और वीरांगनाओं को नमन करते हैं।

मेरी झारखण्डी पहचान महत्वपूर्ण 

आज जब मैं आपसे मुखातिब हो रहा हूँ तो आपको एक बार फिर धन्यवाद देना चाहता हूँ। मेरे लिए मेरी झारखण्डी पहचान महत्वपूर्ण है। इसके अलावा मुझे किसी और पहचान की जरूरत भी नहीं है। यह आप सबों का प्यार है कि मैं आज आप सबों को संबोधित कर रहा हूँ। आज के इस शुभ अवसर पर मैं शुभकामना देना चाहूँगा, मेहनती किसानों और मेहनतकश मजदूरों को, मैं शुभकामना देना चाहूँगा कोरोना से चल रही जंग में शामिल सभी कर्मियों खासकर स्वास्थ्य विभाग के साथियों को, मैं शुभकामना देना चाहूँगा पुलिस के जवानों को, मैं विशेष शुभकामना देना चाहूंगा सरकारी अधिकारियों को क्योंकि परिवर्तन एवं विकास की गाड़ी को आगे खींचने में आपका योगदान बहुत महत्वपूर्ण है एवं मुझे आपसे बहुत उम्मीद है। आप सरकारी सेवकों ने जिस ढंग से पिछले कुछ दिनों में तत्परता दिखाते हुए लोगों के लिए काम किया है वह काबिले तारीफ़ है। मुझे अब भी याद है, स्वास्थ्य कर्मी का टीका लगाने के लिए नहर पार करते हुए फोटो, रात्रि चौपाल में बैठे अधिकारी, आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वारकार्यक्रम में विभिन्न सचिवों का पंचायत स्तर के कार्यक्रम में भाग लेना आदि।

सर्वजन पेंशन योजना लागू

सरकार के संकल्पों को जमीन पर उतारने में हर किसी ने ज्यादातर लोगों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। आज हम सभी जरुरत मंदों को पेंशन देने की सर्वजन पेंशन योजना को लागू कर पाए हैं। साथियों हर जाति, हर धर्म, हर वर्ग में गरीब लोग हैं, हर वर्ग की विधवा मदद की हकदार है। आज जब पेंशन के लाखों आवेदन आ रहे हैं तो लगता है कि किसी ने इस समस्या का हल ढूंढने का प्रयास क्यों नहीं किया ? 'अनुत्तरित' रह जाना ही इनकी नियति बन गयी थी। क्या विधवा पेंशन के लिए 40 वर्ष की बाध्यता जायज थी ? क्या दिव्यांग जनों हेतु पेंशन के लिए 18 वर्षकी सीमा सही थी ? और इन सबके ऊपर पेंशन प्राप्त करने के लिए लम्बी कतार ! राशन कार्ड के लिए भी ऐसी ही लम्बी कतार ? भारत सरकार से जब नए राशन कार्ड स्वीकृत कराने जाइए तो वे बताते थे कि आपके यहाँ बहुत सारे ऐसे लोग राशन ले रहे हैं जो सही पात्रता नहीं रखते हैं। उन्हें हटाइये और नए लोगों को जोड़िये । आप ही बताइये गरीब परिवार को कतार में खड़ा कर इस ढंग के वक्तव्य/निर्देश देना क्या मानवीय काम था । आपकी झारखंडी सरकार ने 15 लाख नये लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध करवाने की योजना एक वर्ष पूर्व प्रारंभ की थी एवं आज जितने आवेदन आ रहे हैं उन्हें राशन कार्ड उपलब्ध करवाया जा रहा है ।मित्रों को पिछले कुछ दिनों से अपच की शिकायत हो गयी है। लोग कह रहे थे राशन/पेंशन जैसे छोटे विषय पर मुख्यमंत्री का इतना ध्यान जरुरी नहीं है। हंसी आ रही थी उनके वैचारिक बौनेपन पर और कष्ट हो रहा था कि विपक्ष के ज्ञानी नेता झारखण्ड की असलियत से कितना दूर चले गए हैं।

मेरी चाहत अपनी आलोचनाओं का उत्तर देना नहीं

जो भी हो मेरी चाहत अपनी आलोचनाओं का उत्तर देना नहीं है, उनका विश्लेषण करना नहीं है। दरअसल, मैं उन नेताओं में से नहीं हूँ जो अपने कार्यों को सर्वथा दोषरहित मानते हुए जवाब देकर आलोचकों के विचार को जिन्दगी प्रदान करते हैं। मैं अपने आलोचकों को जी भर सुनता हूँ और खोजता हूँ कि भावी योजनाओं के लिए कौन सासुधारात्मक अनुभव प्राप्त किया जा सकता है ? 50 लाख रूपये की संपत्ति का 1 रुपया में निबंधन की योजना को हमने बंद कर दिया इससे इन्हें कष्ट हो रहा है । इनके अनुसार हमने महिला सशक्तिकरण के प्रयास को रोक दिया है मेरे अनुसार यह योजना सिर्फ अमीरों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाया गया था। मेरी प्राथमिकता 50 लाख की संपत्ति खरीदने वाले के जगह हड़िया-दारु बेचने को विवश महिला, पेंशन के लिए इन्तजार करती विधवा महिला, कुपोषण से परेशान महिला, राशन कार्ड के लिए कार्यालय का चक्कर लगाती हुई वृद्ध महिला है । हम इनके लिए पेंशन, रोजगार, राशन कार्ड की व्यवस्था किये हैं एवं मेरी नजर में यही असली महिला सशक्तिकरण है ।  उसमें गरीब लोगों के लिए 1000 रूपये का पेंशन, 10 रूपये में धोती-साड़ी, रूपये प्रति किलो में अनाज आदि जैसे निर्णय अदना सा जान पड़ता है। मैं भी मानता कि राज्य निर्माण के 20 वर्षों के बाद राशन-पेंशन-कपड़ा जैसे मुद्दे अप्रासंगिक हो जाने चाहिए थे परन्तु, आज भी इनकी जरुरत बनी हुई है आखिर इसके लिए जिम्मेवार कौन है ? आज जब मुझे गर्भ में पल रहे बच्चे के कुपोषण से लेकर वृद्धावस्था में मिलने वाले पेंशन के विषय पर काम करना पड़ रहा है तो यह दोष किसका है ? परन्तु, मैं हमेशा कहता हूँ कि झारखण्ड एवं झारखंडी लोग ही मेरा पहचान है। अलग झारखण्ड राज्य जब हम लोगों ने बनाया है तो इसे सजाने-संवारने का जिम्मा भी हमारा है और वह हम कर रहे हैं।


आन्दोलनकारियों की सुध अबतक किसी ने ना ली
राज्य निर्माण के 20 से ज्यादा वर्षों के बाद भी झारखण्ड अपने आन्दोलनकारियों की सुध नहीं ले पाया यह कष्टप्रद है। जिनके कारन आज हम एक राज्य के रूप में पहचान बना पाए उनके अधिकार और सम्मान के प्रति मैं संकल्पित झारखण्ड अलग राज्य निर्माण में शामिल आन्दोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के लिए पेंशन के साथ साथ सरकारी नौकरियों में 5% का क्षैतिज आरक्षण की योजना को हमने लागू कर दिया है। आन्दोलनकारी चिन्हीतिकरण आयोग के सदस्य राज्य के विभिन्न हिस्सों का अपना दौरा भी बलिदानी धरती 'पीरटांड' से प्रारंभ कर दिए हैं।
दो लाख 33004 लोगों को हमारी पेंशन योजना से लाभ
आपका विश्वास एवं भगवान बिरसा, सिद्धो-कान्हो की प्रेरणा थी कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूँ। सरकार की योजनाओं से लोगों को फायदा हो रहा है। 1 लाख 89 हजार वृद्ध इकतालीस हजार पाँच सौ विधवा/परित्यक्ता ग्यारह हजार छः सौ दिव्यांग 73 एड्स पीड़ित 605 आदिम जनजाति परिवार के सदस्य कुल दो लाख तैंतालीस हजार चार लोगों को हमारी पेंशन से सम्बंधित फैसले के बाद लाभ मिल चुका है अगले कुछ दिनों में और भी लोगों के आवेदन स्वीकृत होने वाले हैं । मेरे विपक्ष के साथी बता दें कि इन्हें और कितना दिन पेंशन के लिए इन्तजार करना चाहिए था ?

उद्यमी बनने का सपना साकार
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल लगभग 1927 युवक/युवती सहयता प्राप्त कर उद्यमी बनने का सपना साकार किये हैं । आज ये लोग 6795 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। इस योजना की सफलता को देखते हुए हमने इसमें बजट की राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है। 100 करोड़ अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की जा रही है। पंचायत से लेकर शहर तक खेल संरचना निर्माण के लक्ष्य के साथ आपकी सरकार ने 'पोटो हो खेल विकास योजना प्रारंभ की थी। आज इसके तहत 2655 ग्रामीण खेल के मैदानों का निर्माण कार्य जारी है। कुछ दिन पूर्व ही हमने खेल के क्षेत्र में ही सहाय योजना प्रारंभ की है। आज हम 12 फ्लाई ऐश ब्रिक की ईकाई का शिलान्यास कर रहे हैं। वैसे तो फ्लाई ऐश ब्रिक की बहुत सारी ईकाई आपने देखी होगी, पर, यहाँ हमने कुछ अलग सोचा है। सखी मंडल की दीदियाँ इसे संचालित करेंगी, ईंट की बिक्री से होने वाले मुनाफ़ा में से सभी परिवारों के साथ-साथ पंचायत को भी हिस्सेदारी मिलेगी। राज्य भर में सरकार के सहयोग से ऐसी 100 ईकाइयां प्रारंभ की जाएंगी जिससे लगभग 15,000 परिवारों को एक लाख पचास हजार रूपये की वार्षिक आमदनी होगी


जो किया वादा वे निभाया, कृषि ऋण को माफ़ किया।
हमने अपने वादा के अनुरूप कृषि ऋण को माफ़ किया। पिछले एक साल में कृषि ऋण माफ़ी योजना के तहत लगभग तीन लाख आठ हजार किसानों का 1228 करोड़ रूपये का ऋण माफ़ किया जा चुका है मुझे उम्मीद है कि किसानों के हित की की सुरक्षा में यह मददगार साबित होगा। मैं आज इस मंच से भारत सरकार से मांग भी करता हूँ कि किसानों की दयनीय स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कृषि ऋण माफ़ी की जाए। किसानों के समक्ष सबसे बड़ी समस्या क्रेडिट की उपलब्धता की रहती है तथा हम अपने किसानों को साहूकारों-महाजनों के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं । पिछले एक साल में तीन लाख तीन हजार पाँच सौ नए किसानों को मिशन मोड में कार्यक्रम चलाकर किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा गया है इन किसानों को 934 करोड़ रुपया उपलब्ध करवाया गया है मैं राज्य के लगभग 35 लाख किसानों को इससे जोड़ते हुए दस हजार करोड़ रुपया उपलब्ध करवाने की योजना पर काम कर रहा हूँ ।
1470 करोड़ की राशि दीदियों को
JSLPS के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की दीदियों को इस वित्तीय वर्ष में बैंक से जोड़ते हुए 1470 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई गयी है फूलो झानो आशीर्वाद योजना के माध्यम से अब तक लगभग 18,000 महिलाओं को जोड़कर उन्हें हड़िया-दारु निर्माण एवं बिक्री से अलग करते हुए आजीविका का वैकल्पिक साधन उपलब्ध करवाया गया है मज़बूरी वश मेरे राज्य की कोई महिला अब हड़िया दारु का काम नहीं अपनाएगी इस लक्ष्य के साथ मैं आगे बढ़ रहा हूँ। झारखण्ड के युवकों को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करने हेतु प्रारंभ किये गए मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेकर, पहले बैच के छात्र/छात्रा आज ब्रिटेन के संस्थान में अध्ययनरत हैं ।


ट्राइबल यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा 
हमने पंडित रघुनाथ मुर्मू जी के नाम पर ट्राइबल यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा दिया है। इसके माध्यम से मुख्य रूप से झारखंडी भाषा संस्कृति, लोक कल्याण, शोध से सम्बंधित विषय को बढ़ावा दिया जाएगा । उम्मीद है कि इससे आदिवासी समाज एवं झारखण्ड से जुड़े प्राचीन ज्ञान को संरक्षित रखने के साथ-साथ इनकी विशिष्ट समस्याओं के समाधान को भी बल मिलेगा । झारखण्ड का लगभग 32,000 गाँव राज्य का आधार है। हमने ग्रामीण भारत की जीवन रेखा 'महात्मा गांधी रोजगार सृजन कार्यक्रम को मजबूती प्रदान करने हेतु राज्य निधि से दैनिक भत्ता में 16% की वृद्धि की है, इस सम्बन्ध में हमने केंद्र सरकार से लगातार अनुरोध किया परन्तु, उचित कार्यवाई नहीं दिखी तो अपने बल पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया । लगातार हम मनरेगा में अपने वार्षिक निर्धारित बजट से ज्यादा खर्च कर हैं। ग्रामीण आवास पूर्ण करने के मामले भी हम शीर्ष पर बने हुए पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में लाने उद्देश्य हमने मुख्यमंत्री पशुधन योजना प्रारंभ किया जिसके तहत लगभग 60,000 पशुप इकाई का निर्माण आगे है बिरसा ग्राम योजना के अंतर्गत 20,000-25,000 एकड़ जमीन हर वर्ष पौधे लगाए जा जिससे प्रति लगभग 30,000 परिवारों को आजीविका का मजबूत माध्यम उपलब्ध करवाया जा रहा है।
राज्य में पर्यटन की असीम संभावना 
कृषि एवं सम्बद्ध गतिविधियों को बल देने के लिए हमने राज्य में 100 किसान पाठशाला बनाने का निर्णय लिया है । प्रथम चरण में 17 पाठशालाओं का निर्माण होगा इन शालाओं में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन आदि सभी कार्यों को किसानों को देखने का मौका मिलेगा, उसे सीखने का मौका मिलेगा । आज इस योजना को प्रारंभ करते हुए मैं इसके दूरगामी परिणाम को देखते हुए काफी उत्साहित हूँ। राज्य में पर्यटन की असीम संभावना है। प्रकृति के साथ जीने की हमारी परम्परा है। हमारे यहाँ नेतरहाट की खुबसूरत पहाड़ी वादी है तो पतरातू/ खंडोली/चांडिल/ मसानजोर का विशालकाय डैम । सारंडा का जंगल है तो पलामू का टाइगर रिजर्व । पारसनाथ का पवित्र स्थल है तो बाबा भोले का देवघर का दरबार है। इतना सबकुछ समेटे हुए अपने झारखण्ड को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हम नयी नीति ले कर आ रहे हैं । बहुत साल तक देश-विदेश ने हमारे कोयले-लोहे को देखा अब बारी है उन्हें अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाते हुए झारखण्ड की खुबसूरत/ मनोहारी पराकृतिक सौन्दर्य को दिखाने का । आज हमने आपके सामने अपना पर्यटन नीति भी रखा जो राज्य के पर्यटन उद्योग को एक नयी दिशा देगा ।


नयी औद्योगिक नीति की सराहना 
नयी औद्योगिक नीति को सभी जगह सराहना मिल रही है। टेक्सटाइल, सीमेंट, इस्पात आदि के उद्योग लगाए जा रहे हैं । शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश करने में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों ने अपनी रूचि दिखाई है। शिक्षा के क्षेत्र में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने राज्य लगभग 1000 करोड़ का निवेश करते हुए अपना संस्थान खोलने को लेकर सहमति दी है तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपोलो समूह राज्य में लगभग 200 करोड़ के निवेश से 250 बेड का बहु आयामी अस्पताल खोलने को लेकर सहमति दी है।


नागरिकों का शिक्षित होना बहुत जरुरी
मानव विकास सूचकांको की जब भी बात होती है तो झारखण्ड में व्याप्त कुपोषण सबका ध्यान खींचता है। मैं मानता हूँ कि किसी भी प्रदेश के विकास के लिए नागरिकों का शिक्षित होना बहुत जरुरी है एवं कभी भी बीमार/कुपोषित बचपन गुजारने वाला बालक/बालिका सफलतापूर्वक शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकता आने वाले वर्षों में हम झारखण्ड को कुपोषण के दंश से मुक्ति दिलाने की ओर बढ़ रहे हैं। आपकी झारखंडी सरकार ने 250 करोड़ की लागत से 5 लाख बाड़ी के निर्माण हेतु कार्यक्रम प्रारंभ किया है। मोटे अनाज (ज्वार-बाजरा आदि) की खेती को प्रसारित करने के लिए कर्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं। आज हमने कुपोषण का सम्पूर्ण समाधान करने हेतु समर कार्यक्रम प्रारंभ किया है। आदर्श विद्यालय निर्माण का काम 80 जगहों पर प्रारंभ हो गया है । आगामी वर्ष में 400 अन्य विद्यालयों का निर्माण भी प्रारंभ हो जाएगा। आखिर ऐसे प्रयासों को कोई नजरअंदाज कैसे कर सकता है ? आज पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के 8,428 करोड़ की योजना के साथ कुल 12,558 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास हुआ है तथा 3,195 करोड़ की योजना को आप सबों को समर्पित करने का अवसर मिला दुमका में मसानजोर से मसलिया परियोजना, गढ़वा- पलामू में सोन कनहर परियोजना एवं साहेबगंज में जलापूर्ति की योजना के माध्यम से आने वाले दिनों में सिंचाई एवं पेयजल की समस्या को हल करने में सहयोग मिलेगा। उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में ये योजनाएं समय पर पूरा होंगी एवं लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी।


नियुक्तियों/परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है
हमारी सरकार अपने शुरुआती दिनों से ही राज्य के युवकों/युवतियों को रोजगार दिलाने के विषय को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। सभी नियमावलियों में राज्य की जरूरत के हिसाब से बदलाव के बाद अब नियुक्तियों/परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है। JPSC/JSSC अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ रही है। । निजी क्षेत्र में भी जिस ढंग से निवेश आ रहे हैं, आगामी वर्ष में पर्यटन, टेक्सटाइल, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि क्षेत्र में कम-से-कम 1 लाख युवकों/युवतियों के लिए रोजगार के नवीन अवसर उत्पन्न होंगे। उच्च शिक्षा प्राप्ति को इच्छुक छात्र/छात्रों के लिए सरकार अगले वर्ष से 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना प्रारंभ करने जा रही है ।


सरकार हर वादा करेगी पूरा
घोषणा पत्र के हर एक बिंदु को जमीन पर उतारना हमारा संकल्प है। भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा को रोकने के लिए हमने प्रभावकारी कदम उठाने का वादा किया था । लांच पैड बना के रखा था। भीड़ के द्वारा लोगों को मार दिया जाता था, या कहें मरवा दिया जाता था । हमने मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बना आपके सामने रखा । यह एक सामाजिक कोढ़ को रोकने के लिए उठाया गया कदम है । आप इस कानून के व्यापक स्वरुप को देखिये डायन बिसाही के नाम पर होने वाली हत्या, सेंदरा करने की घटना, जमीन हड़पने के लिए दिव्यांग भाई, निःसंतान भाभी की ह्त्या सभी भीड़ के द्वारा अंजाम दिए जाते हैं, इस कानून से इन सभी कुकृत्यों पर पाबंदी लगेगी ।पिछड़े वर्ग के लोगों के आरक्षण को बढ़ाने के सम्बन्ध में हमने अपने घोषणा पत्र में लिखा है और उसे हम पूरा करने की ओर बढ़ रहे हैं और सिर्फ पिछड़ा ही नहीं अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों के साथ भी न्याय होगा । अनुबंधकर्मियों से हमने संविदा संवाद में वादा किया था, उसे भी राज्य की वित्तीय क्षमता को ध्यान में रखते हुए पूरा करने की ओर बढ़ रहे हैं । एक ओर जहां पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान हुआ है वहीं मनरेगा कर्मी की समस्या अब समाधान के काफी करीब है और एक-एक कर सभी अनुबंध कर्मियों को राहत मिलेगी। सरकारी कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली से सम्बंधित वादा भी मेरे संज्ञान में है एवं हमारी टीम इस पर काम कर रही है । 


भविष्य हम शेयर बाजार पर नहीं छोड सकते
सरकारी कर्मियों के सेवा निवृत्ति के बाद का भविष्य हम शेयर बाजार के भरोसे छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। Petrol एवं Diesel के दाम आज आसमान छू रहें है। इसका बुरा असर गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों को हुआ है। एक गरीब व्यक्ति घर में मोटरसाइकिल होते हुए भी Petrol के पैसे नहीं रहने के करण उसको चला नहीं पा रहा है। अपना फसल बेचने बाजार नहीं जा पा रहा है। इसलिए मैनें निर्णय लिया है कि वैसे राशन कार्ड धारी यदि अपने Motorcycle या Scooter में Petrol भराते हैं, तो उन्हें 25 रू० प्रति लीटर की दर से हम राशि उनके बैंक खाते में Transfer करेंगे। यह व्यवस्था 26 जनवरी से हम लागू करने जा रहें हैं एवं एक गरीब परिवार प्रतिमाह 10 लीटर Petrol तक यह राशि प्राप्त कर सकता है।

अंत में मैं उन लोगों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारे ऊपर विश्वास जताया एवं कार्य योजना को जमीन पर उतारने मैं मदद कर रहे हैं इन सबके बीच हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे पुरखों द्वारा दी गई कुर्बानियां हम पर कर्ज हैं और यह कर्ज तभी उतरेगा जब राज्य निर्माण के पुनीत कार्य में हम सभी लोग बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दें। आज के इस अवसर पर आप सबों को नए साल की अग्रिम बधाई देते हुए, जोहार करता हूँ कि आने वाला कल सबके लिए शुभदायी हो, सब के लिए अच्छा साबित हो एवं देश और राज्य को उन्नति के सोपान पर आगे बढ़ाए। मैं आप सबों का आभारी हूँ और मैं यह उम्मीद करता हूँ कि हम सब मिलकर सोना झारखण्ड के निर्माण के सपने को मिलकर साकार करेंगे। धन्यवाद !!! आइये हम अपने एकजुटता एवं आगे बढ़ने के संकल्प को जय हिन्द के नारे से शक्ति दें.... जय हिन्द, जय झारखण्ड , जोहार

लेखक झारखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं।