द फॉलोअप टीम, रांची :
राज्य में में कोविड पेशेंट के इलाज की दर तय है। बता दें कि ऑक्सिजन सपोर्टेड बेड पर भर्ती गंभीर मरीजों से एक दिन में 12 हजार रुपए से ज्यादा नहीं लिया जा सकता। मगर फिर भी इस महामारी में कई निजी अस्पताल रोजाना 40 से 50 हजार रुपए तक वसूल रहे हैं। मासूम लोगों से निजी अस्पताल पैथोलॉजी जांच, दवा, सीटी स्कैन और डॉक्टर की विजिट के नाम पर दोगुनी से भी ज्यादा कीमत वसूल रहे है।
ऑक्सिजन चार्ज प्रति घंटा 300 रुपया वसूला
यही नहीं, कई अस्पताल ऑक्सीजन (Oxygen) के लिए भी प्रति घंटे 300 रुपए वसूल रहे हैं। जानकारी के अनुसार बिल के नाम पर परिजनों को एक रसीद थमा दी जाती है, जिनमें चार-पांच चीजों का ही जिक्र होता है। बिल का डिटेल न रहने से यह पता ही नहीं चलता कि अस्पताल किस मद में कितने पैसे ले रहा है। अधिक पैसे वसूलने पर डीसी छवि रंजन ने सिटी ट्रस्ट हॉस्पिटल और आयुष्मान नर्सिंग होम को शोकॉज भी किया है। ये कार्रवाई अन्य अस्पतालों पर की गयी।
24 घंटे में एक ही जांच दो बार कराई
जानकारी के मुताबिक कटहल मोड़ स्थित रिंची ट्रस्ट हॉस्पिटल ने कोरोना संक्रमित कौशल्या मित्तल की 7 मई को 4500 रुपए में एचआरसीटी(HRCT) जांच कराया। जबकि सरकार द्वारा यह जांच 2500 से 3000 रुपए तय किया गया है। इसके बाद जब हॉस्पिटल प्रबंधन के पास शिकायत की गई तो परिजनों के साथ ही बदसलूकी की गई। ऐसा निजी अस्पतालों में अक्सर किया जाता है।
बिना इलाज के वसूल लिया वेंटिलेटर चार्ज
वहीं, कोरोना संक्रमित (Corona Infected) जगदीश प्रसाद 29 अप्रैल काो इटकी रोड स्थित सिटी ट्रस्ट हॉस्पिटल में भर्ती हुए। दो मई को मौत हो गई। अस्पताल ने 1,07,500 रुपए का बिल बना दिया। बता दें कि इसमें डॉक्टर विजिट, नर्सिंग, बेड चार्ज, पैथेलॉजी और 300 रुपए प्रति घंटे की दर से ऑक्सीजन चार्ज भी जोड़ा गया। परिजनों का आरोप है कि वेंटिलेटर (Ventilator) पर रखे बिना उनसे 25 हजार रुपए वेंटिलेटर के भी जोड़ दिए गए ।
कोरोना इलाज के नाम पर जारी है लूट
इतना ही नहीं, कोरोना संक्रमित शैलेंद्र कुमार साहू चार दिन तक सिटी ट्रस्ट हॉस्पिटल में भर्ती हुए। महज साधारण कोरोना के इलाज में उनके परिजनों से छह हजार डिस्काउंट देकर 60 हजार रुपए लिए गए। बताया गया की मरीज को वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया था। ऐसे मरीजों के लिए रोजाना 9 हजार रुपए तय है जिस हिसाब से शैलेन्द्र के इलाज का बिल 36 हजार रुपए का बनता है मगर उनसे 60 हजार रुपए लिए गए।
रांची उपायुक्त ने हॉस्पिटल से मांगा जवाब
रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने बताया की हॉस्पिटल द्वारा कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अधिक पैसे लेने की शिकायत आई थी। इसकी जांच हो रही है। जिसके तहत दो हॉस्पिटल प्रबंधकों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर किसी से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं तो बिना डरे शिकायत करें।