द फॉलोअप टीम, रांची:
मुसाफिर कल भी था मुसाफिर आज भी हूं। कल अपनों की तलाश थी आज अपनी तलाश में हूं। ये लिखा है राज पालिवार ने जिनका टिकट बीजेपी ने मधुपुर उपचुनाव में काट दिया। टूटा जो दिल किसी का हैरत की बात क्या। गाना पुराना है लेकिन ताजा घटनाक्रम में फिट बैठता है। मधुपुर चुनाव के लिये बीजेपी ने गंगा नारायण राय को चुना तो जाहिर है राज पालिवार का दिल टूट गया। मधुपुर सीट से राज पालिवार ने दो बार जीत दर्ज की। वे साल 2005 और 2014 में विधायक बने। 2019 का चुनाव राज पालिवार हाजी हुसैन अंसारी से हार गये थे।
मधुपुर उपचुनाव के लिये पार्टी ने उन पर भरोसा नहीं जताया। अब टूटे दिल की आह सोशल मीडिया के जरिये बयान हो रही है। राज पालिवार ने जो भी लिखा, उसके हर शब्द में टिकट ना मिलने का दर्द छलक रहा है।
राज पालिवार ने शायरी में साझा किया दर्द
राज पालिवार ने फेसबुक पर लिखा। मुसाफिर कल भी था मुसाफिर आज भी हूं, कल अपनों की तलाश में था, आज अपनी तलाश में हूं। राज पालिवार ने कैप्शन में लिखा है दिल से। जाहिर है ये राज पालिवार के दिल की आह है। आप चाहें जैसा मतलब निकाल लीजिये। ये शायरी राज पालिवार ने शुक्रवार को पोस्ट की। इसके ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को बीजेपी ने गंगा नारायण राय को प्रत्याशी घोषित किया।
बीजेपी ने राज पर तीसरी बार नहीं किया भरोसा
राज पालिवार को उम्मीद थी कि पार्टी चौथी बार भी उन पर ही भरोसा दिखायेगी लेकिन पिछली हार उन पर भारी पड़ी। आजसू का बीजेपी से गठबंधन हो गया। बीजेपी ने गंगा के सहारे मधुपुर उपचुनाव की वैतरणी पार करने की योजना बनाई। इधर राज पालिवार का जीवन कोरा कागज कोरा ही रह गया। टिकट की आस लगाये राज पालिवार का दामन सूखा रह गया। ये पहली बार नहीं है जब राज पालिवार ने टिकट ना मिलने का दुख शायरी में जाहिर किया हो।
राज का टिकट काटकर गंगा का बनाया प्रत्याशी
सवाल जहर का तो नहीं था, वो तो मैं पी गया। तकलीफ लोगों को तब हुई जब मैं जी गया। ये बात राज पालिवार ने उस दिन कही जिस दिन गंगा नारायण राय बीजेपी के हो गये। शायद, राज पालिवार को उसी दिन लग गया होगा कि उनका और भारतीय जनता पार्टी का साथ खत्म हो गया। मधुपुर उपचुनाव का टिकट हाथ से निकल गया। जहर वाली शायरी में ऐसा लगता है जैसे राज पालिवार ने सारा दर्द इसमें ही उलेड़ दिया हो।
निशिकांत से नजदीकी का गंगा को मिला इनाम
कहा जाता है कि गंगा नारायण राय की देवघर से बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे से नजदीकी रही है। गंगा को टिकट दिलाने में निशिकांत दूबे की भी भूमिका हो सकती है। निशिकांत दूबे ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट के जरिये गंगा नारायण राय की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि मधुपुर विधानसभा उपुचनाव के लिये गंगा नारायण सिंह जी को उम्मीदवार बनाने के लिये मोदी जी के नेतृत्व में पूरी केंद्रीय भाजपा और प्रदेश भाजपा का आभार। गंगाजी को भी बधाई।
निशिकांत ने फेसबुक में विरोधियों पर बोला हमला
उन्होंने लिखा कि बीते कुछ दिनों से बाहरी को टिकट दिया गया, टिकट पैसे से बेच दिया गया, कार्यकर्ताओं को अपमानित किया गया जैसे शब्द सोशल मीडिया और अखबारों में दिख रहे है। निशिकांत दूबे ने लिखा कि मैं रघुनंदन मंडल,प्रशांत मंडल, देवेंद्र सिंह, वीरेंद्र मंडल, देवेंद्र कुंवर जी, अभिषेक झा को पार्टी में लेकर आया। इन सबों को बीजेपी ने टिकट दिया। क्या ये लोग जन्मजात संघ की विचारधारा के थे या सबको पैसे लेकर टिकट दिया गया। उन्होंने कहा कि घटिया मानसिकता के लोगों से निकलकर हेमंत सोरेन जी की सरकार के मंत्री को हराने पर विचार करना चाहिये। उन्होंने आखिर में लिखा कि बीजेपी मोदी के नेतृत्व में टिकाऊ है बिकाउ नहीं।
30 मार्च को नामांकन करेंगे गंगा नारायण राय
मधुपुर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी है। 17 अप्रैल को वोटिंग होगी। परिणाम 2 मई को आयेंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने यहां से दिवंगत हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीजुल हसन अंसारी को प्रत्याशी बनाया है। बड़ा दावं चलते हुये उन्हें पहले ही मंत्री पद भी दिया जा चुका है। हफीजुल हसन अंसारी 25 मार्च को नामांकन कर चुके हैं। बीजेपी ने यहां से राज पालिवार का टिकट काटकर बीते चुनाव में आजसू के प्रत्याशी रहे गंगा नारायण राय को प्रत्याशी बनाया है। गंगा नारायण राय 30 मार्च को पर्चा दाखिल करेंगे।