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JDU v BJP : सम्राट अशोक को लेकर आपस में भिड़ी JDU और BJP, जानिए पूरा मामला क्या है

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द फॉलोअप टीम, पटना: 

बिहार में सम्राट अशोक को लेकर बीजेपी और जेडीयू आमने-सामने है। गौरतलब है कि बिहार सरकार में सहयोगी बीजपी और जेडीयू में सम्राट अशोक को लेकर आपस में ठन गई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब तब हुई जब नाटककार दया प्रकाश सिन्हा ने सम्राट अशोक की तुलना मुगल बादशाह औरंगजेब से की। इस पर आपत्ति जताते हुए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा ने दया प्रकाश सिन्हा पर कार्रवाई करने और पद्मश्री वापस लेने की मांग की। 

बीजेपी-जेडीयू के नेता आमने-सामने
अब भारतीय जनता पार्टी की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने मोर्चा संभाल लिया। बीजेपी अध्यक्ष ने जब आक्रामक रूख दिखाया तो जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जवाब दिया। सुशील मोदी ने फिर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्राचीन भारत के यशस्वी सम्राट का सम्मान करती है। पीएम मोदी ने तो उनकी स्मृति में डाक टिकट तक जारी किया था। हममने ही 2015 में सम्राट अशोक की 2320वीं जयंती मनाई। बिहार सरकार ने अप्रैल में उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। 

बीजेपी ने लेखक से किया किनारा
सुशील मोदी ने कहा कि जिस लेखक ने सम्राट अशोक पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, उसका बीजेपी से कोई संबंध नहीं है। ना ही उनके बयान को इतना तूल दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीजेपी का कोई राष्ट्रीय संस्कृति प्रकोष्ठ नहीं है। बिहार में बीजेपी कोटे से मंत्री सम्राट चौधरी ने दया प्रकाश सिन्हा के लेख का भी खंडन किया। 

दया प्रकाश सिन्हा ने क्या लिखा है
गौरतलब है कि लेखक दया प्रकाश सिन्हा ने औरंगजेब जैसा ही था सम्राट अशोक नाम से एक लेख लिखा। इसमें चक्रवर्ती सम्राट अशोक को बौद्ध ग्रंथ के हवाले से कुरुप, क्रूर और पत्नी को जलाने वाला बताया गया है। बीजेपी कोटे से मंत्री सम्राट चौधरी ने लेख में लिखी बातों को खंडन किया औऱ इसे मनगढ़ंत और असत्य बताया है।