द फॉलोअप टीम, लखनऊ:
बेटे की चाहत में ससुराल वाले कभी-कभी इतने अंधे हो जाते है कि उन्हें सही-गलत का फर्क भी नहीं पता चलता है। ऐसे कई दकियानूसी सोच के लोग भरे पड़े है जिनकी वजह से बेटियों की जान चली जाती है। कई ऐसी बेटियां है जिन्हें हर दिन बेटा न होने पर ताने मिलते है तो कहीं उन्हें जिंदा जलाया जाता है। ताजा मामला आया है उत्तरप्रदेश के मुरैना से जहां कुछ वंशवाद के अंधो ने महिला को जलती लकड़ी से दाग दिया।
1 वर्षीय बच्ची भी झुलस गई
दरअसल जैतपुर निवासी प्रीति गुर्जर की शादी को पांच साल हो गए है उसे बेटा नहीं हुआ है बल्कि दो बेटियां है। प्रीति को बेटा नहीं हुआ तो उसे जलती लकड़ी से दागा गया। उसका पैर भी तोड़ दिया। हद तो तब हो गयी जब पति ने अपनी पत्नी को दागते वक़्त एक साल की बच्ची को भी नहीं बख्शा। वह भी झुलस गई।
चार दिन कमरे में बंद रखा
प्रीति के पति व ससुराल वालों ने पहले उसके साथ मारपीट किया फिर उसे कमरे में बंद कर दिया। चार दिन उसे बंद रखा। प्रीति के साथ ससुराल में हुई इस बेरहमी की जानकारी गांव के लोगों ने उसके माता-पिता को दी। जब मायके वाले बेटी को देखने ससुराल पहुंचे। तब तक ससुराल वालों को पता लग गया था की प्रीति के माता पिता आ रहे हैं। वह घर छोड़ कर भाग गए। बेटी की हालत देख माता-पिता उसे सिविल लाइन थाने लाए और FIR दर्ज कराई। प्रीति की मां ने पुलिस को बताया कि जब वे लोग पहुंचे तो उनकी बेटी घर के कमरे में बंद थी। उनके आने से पहले ही ससुराल वाले भाग गए थे। सिविल लाइन थाना पुलिस ने ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
चार वर्ष पूर्व हुई थी प्रीति की शादी
प्रीति गुर्जर की शादी सोनू गुर्जर के साथ 2015 में हुई थी। प्रीति के दो बेटियां है। बड़ी बेटी तीन वर्ष की है और दूसरी बेटी एक वर्ष की है। बेटी होने के कारण ससुराल वाले उसे हमेशा ताना मारते हैं। ज्यादातर वक्त प्रीति अपने मायके में ही रहती है। 20 दिन पहले ही वह मायके लौटी थी। पांच दिन पहले पति ने प्रीति को पीटा और जलती लकड़ी से उसे दागा। उसका पैर भी तोड़ दिया। घटना के वक़्त बेटी पास में ही बैठी थी इसलिए वह भी झुलस गई।