logo

वर्ल्ड बोसिया बॉल चैंपियनशिप : लोहरदगा के इस दिव्यांग पर टिकीं दुनियां की निगाहें, ऑस्ट्रेलिया में भारत का प्रतिनिधित्व

boccia.jpg

लोहरदगा
"लोहरदगा के लाल ने किया कमाल" – यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। झारखंड के लोहरदगा ज़िले के कुटमु गांव के रहने वाले 27 वर्षीय सुमन प्रजापति ने बोच्चिया बॉल खेल में न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। वे झारखंड के एकमात्र बोच्चिया खिलाड़ी हैं जिन्हें नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में होने वाली वर्ल्ड बोच्चिया बॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।
सुमन का यह सफर कठिनाइयों और संघर्षों से भरा रहा है। वर्ष 2016 में एक हादसे में पेड़ से गिरने के कारण उन्हें स्पाइनल इंजरी हुई, जिससे वे 75 प्रतिशत तक दिव्यांग हो गए। उनके हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया और वे सी-लेवल की दिव्यांगता श्रेणी में आ गए। लेकिन हिम्मत, जुनून और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने अपनी किस्मत खुद लिखी।
सुमन को बोच्चिया बॉल की जानकारी उनके दिव्यांग मित्र अजय से मिली। यह खेल उनके लिए एक नई उम्मीद लेकर आया, लेकिन इसकी शुरुआत भी आसान नहीं थी। बोच्चिया बॉल की कीमत करीब 1.30 लाख रुपये थी, जो उनके लिए एक और बड़ी चुनौती बन गई। इस मुश्किल घड़ी में जिला प्रशासन की पहल और हिंडाल्को (आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी) के CSR फंड से उन्हें सहायता मिली। दक्षिण कोरिया से मंगाई गई बोच्चिया बॉल की मदद से सुमन ने अभ्यास शुरू किया।
उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 2024 और 2025 की नेशनल बोच्चिया चैंपियनशिप में दो-दो सिल्वर मेडल जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। अब उनका अगला लक्ष्य 2026 के एशियन गेम्स और 2028 के पैरालंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है।
सुमन का यह सफर न केवल प्रेरणादायक है बल्कि यह बताता है कि संकल्प, समर्थन और सही मार्गदर्शन हो तो कोई भी मुश्किल पहाड़ नहीं होती। लोहरदगा का यह युवा अब ऑस्ट्रेलिया की धरती पर भारत का तिरंगा ऊँचा करने को तैयार है।

क्या है बोसिया खेल 
बोच्चिया बॉल एक इनडोर खेल है जिसे विशेष रूप से शारीरिक रूप से अक्षम लोगों, खासकर सेरेब्रल पाल्सी या व्हीलचेयर उपयोग करने वाले खिलाड़ियों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस खेल में खिलाड़ी लाल या नीली रंग की छह-छह गेंदों का उपयोग करते हैं और उन्हें एक सफेद गेंद, जिसे "जैक बॉल" कहा जाता है, के पास फेंकने की कोशिश करते हैं। खेल का उद्देश्य यह होता है कि आपकी गेंद जैक बॉल के सबसे नज़दीक रहे। यह खेल व्यक्तिगत रूप से (1 खिलाड़ी), युगल (2 खिलाड़ी), या टीम (3 खिलाड़ी) के रूप में खेला जा सकता है। खिलाड़ी गेंद को हाथ से, पैर से या एक विशेष उपकरण की मदद से फेंक सकते हैं। खेल कई राउंड में खेला जाता है और हर राउंड के अंत में यह देखा जाता है कि किसकी गेंद जैक बॉल के सबसे करीब है, उसी के आधार पर अंक दिए जाते हैं। बोच्चिया न केवल एक शारीरिक खेल है बल्कि इसमें रणनीति, धैर्य और एकाग्रता की भी बहुत आवश्यकता होती है। यह खेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरालंपिक खेलों में भी शामिल है और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करता है।

Tags - jharkhand news jharkhand latest news jharkhand khabar jharkhand update jharkhand trending news Jharkhandlive lohardaga news lohardaga latest news world boccia ball champioship