ED ने शराब घोटाला के आरोपी योगेंद्र तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। जिसमें कई खुलासे हुए हैं। आरोप पत्र में बताया गया है कि योगेंद्र ने अवैध तरीके से बालू, शराब व जमीन कारोबार से पैसे जुटाए
कुछ दिनों पहले सरकारी अस्पतालों के लिए दिल्ली सरकार की ओर से दवाओं की खरीद की गयी थी। खरीदी गयी कुछ दवाएं लैब में टेस्ट के बाद मानक पर खऱी नहीं उतरी।
ईडी ने शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में दर्ज इसीआइआर में विभिन्न थानों में दर्ज 26 प्राथमिकी को शामिल किया था। इसमें से 12 मामलों में निचली अदालतों ने संज्ञान लिया था।
झारखंड की हजारीबाग पुलिस ने सीमापार अवैध शराब की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। 1,536 बोतल शराब पिकअप वैन में छिपाकर ले जाई जा रही थी।
शराब घोटाले के आरोपी योगेंद्र तिवारी से ED की पूछताछ जारी है। आज ED ने इस मामले में एक चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है।
बिहार में शराबबंदी है। लेकिन शराब तस्कर इसे मानने को कतई तैयार नहीं दिखते। आये दिन वे शराब को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने ले जाने के लिए कानून तोड़ रहे हैं।
झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित प्रियदर्शी उरांव को गुरुवार को ईडी दफ्तर बुलाया गया था। इस दौरान उनसे लंबी पूछताछ की गई। रोहित दिन के 11 बजे रांची जोनल आफिस पहुंचे थे।
इस वित्तीय वर्ष में शराब बिक्री से उतना राजस्व नहीं वसूली हो सका जितने का लक्ष्य रखा गया था। इसलिए छत्तीसगढ़ की एजेंसी को हटा दिया गया है। राजस्व को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के महाप्
झारखंड में शराब महंगा होने वाला है। दरअसल थोक विक्रेताओं के लाइसेंस फीस में सरकार की तरफ से एक्स डिस्टीलरी प्राइस (इडीपी) लगाया जाएगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि राजस्व वसूली और शराब की खुदरा बिक्री में कमी हो गई है।
अब तय मात्रा से ज्यादा शराब रखने पर कार्रवाई होगी। ऐसा मद्य निषेध व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है। उन्होंने कहा है कि अगर आपके पास एक साथ 5 लीटर से अधिक शराब पाया गया तो ये अवैध माना जायेगा और आप पर प्राथमिकी दर्ज होगी।
लगभग तय हो चुका है कि झारखंड में शराब का कोरोबार अब सरकारी नियंत्रण में होगा। उत्पाद विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने इस संबंध की फाइल पर अपनी सहमति दे दी है। विभाग अब 24 फरवरी को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखेगा।
शराब नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। 10 मिनट तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है। मामेल में प्रार्थी पक्ष से अधिवक्ता अजीत कुमार और कुमारी सुगंधा मौजूद रहे। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ओर