भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार द्वारा जारी पेसा नियमावली पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई नियमावली जनजाति समाज की रूढ़िवादी विश्वास और उपासना पद्धति पर सीधा प्रहार है और इससे आदिवासी समाज को भ
“नाच न जाने आंगन टेढ़ा” की राजनीति कर रही भाजपा, आदिवासियों को गुमराह करने की कोशिश: सुखदेव भगत
रांची स्थित ऑड्रे हाउस में मंगलवार को आयोजित दो दिवसीय “नाची से बाची” जनजातीय स्वशासन महोत्सव का उद्घाटन ग्रामीण विकास सह पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि झारखंड में पेसा कानून को लागू करना सरकार की प्राथमिकता है औ
राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे अहम फैसला पेसा (PESA) नियमावली को स्वीकृति देना रहा। लंबे समय से लंबित पेसा नियमावली के पास होने से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलने का रास्त
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी पेसा नियमावली लागू नही किये जाने पर मुख्य सचिव और पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव को कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आज हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला। वह आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा हेमंत सरकार विदेशी धर्म मानने वालों के दबाव में राज्य में पेसा कानून लागू नहीं कर रही।
झारखंड हाईकोर्ट ने पेसा कानून को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पेसा कानून को 2 महीने के अंदर लागू करने का आदेश दिया है।
झारखंड में पेसा कानून को लागू करने को लेकर आज हाईकोर्ट में दाखिल की गयी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।
झारखंड प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा है कि कांग्रेस की भावना हमेशा से आदिवासी एवं आदिवासी हितों के साथ उनके मौलिक अधिकारों के प्रति रही है।
भाजपा की अगुवाई वाली पिछली सरकार में सीएम रहे रघुवर दास ने 2016 में बने पेसा कानून को झारखंड में लागू करने की मांग उठाई है। उन्होंने आज जारी अपने बयान में हाईकोर्ट में इस मामले में दाखिल आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की याचिका का हवाला दिया है।
पेसा इलाकों को पंचायत चुनाव से बाहर रखने की मांग को हेमंत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। बीते 2 बार से जिस तरह से राज्य के पेसा क्षेत्र में पंचायत चुनाव करवाया गया था, इस बार भी वहां चुनाव करवाया जायेगा। गौरतलब है कि सामान्य इलाकों के साथ-साथ पेसा इला