अभिषेक शुक्ला ने बताया कि कुछ दिनों पहले ही एक छात्र के सिर के ऊपर छज्जे का प्लास्टर टूट कर गिर गया था जिससे उसे गंभीर चोट आई थी। इतना बड़ा हादसा हुआ लेकिन विभाग ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अब तक छत की मरम्मत नहीं कराई गई। पूरी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी
शहीद निर्मल महतो का झारखंड अलग राज्य के आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा है। उनके विचारों ने शोषित, वंचितों एवं कमजोर वर्ग के लोगों को साथ लेकर झारखंड आंदोलन को प्रेरित करने किया था। आजसू उनके विचारों को मरने नहीं देगी। आजसू उनके विचारों को जन जन तक पहुंचाकर
उन्होंने कहा कि लगभग 60 सालों के त्याग, बलिदान, तपस्या और अनगिनत शहादतों के बाद झारखंड राज्य का निर्माण हुआ लेकिन, झारखंड आंदोलन एवं आंदोलनकारियों के बारे में बहुत कम लिखा और पढ़ा गया। यह हमारा दायित्व है कि अपने गौरवशाली इतिहास को हमारी आने वाली पीढ़ियों
उपराष्ट्रपति चुनाव 6 अगस्त को होना है। आजसू ने इसे लेकर अपना स्टैंड क्लीयर कर दिया है। पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो ने घोषणा कर दी है कि वह आजसू एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में वोट करेंगे।
देश की 15वीं राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर द्रौपदी मुर्मू जी को शुभकामनाएं देते हुए झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुदेश कुमार महतो ने कहा कि "यह पूरे भारतवर्ष के लिए अद्भुत, अद्वितीय तथा अविस्मरणीय क्षण है। देश
अखिल झारखंड छात्र संघ (AAJASU) के सदस्यों ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय(Shyama prasad mukharjee,University) के कुलपति का घेराव संयोजक अभिषेक झा(Abhishek jha) के नेतृत्व में किया। ज्ञात हो की कल विश्वविद्यालय के कुलपति के आदेशानुसार सभी छात्रो
आजसू पार्टी 30 जून को पूरे राज्य में हूल दिवस मनाएगी। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए आजसू पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने बताया कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह के प्रतीक हूल दिवस पर अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो व अन्य क्रां
आजसू पार्टी के संकल्प दिवस पर झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने सभी कार्यकर्ताओं, समर्थकों को जोहार करते हुए कहा कि गुमान और गर्व से भरे इस दिन में हम सभी संकल्प लें कि झारखंड के अरमानों, आकांक्षाओं को स
सुदेश महतो द्वारा आजसू की कमान संभालने के बाद से झारखंड में युवाओं के राजनैतिक विचारों को अच्छा मंच मिला। यही वजह है कि आजसू पार्टी में युवा कार्यकर्ताओं की संख्या सर्वाधिक है। सुदेश महतो ने बतौर आजसू केंद्रीय अध्यक्ष राजनीतिक सुचिता स्थापित की। उन
आजसू पार्टी के प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत न कहा कि झारखंड कोई स्वाभाविक राज्य नहीं बल्कि हर गांव, हर कस्बे से निकलकर हर झारखंडी ने एक लंबी लड़ाई लड़कर इसे हासिल किया है। आजसू का झारखंड आंदोलन को खड़ा करने एवं परिणाम देने तक का एक लंबा एवं गौरवशाली इतिहास रहा है
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आजसू पार्टी द्वारा 14 अप्रैल को होने वाला जेल भरो आंदोलन अब आजसू पार्टी के संकल्प दिवस यानी 22 जून को होगा। ज्ञात हो कि आजसू पार्टी ने सात-सूत्री मांगों को लेकर बाबा साहेब की जयंती पर जेल भरो आंदोलन करने का निर्णय लिया था,
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आजसू पार्टी द्वारा 14 अप्रैल को होने वाला जेल भरो आंदोलन अब आजसू पार्टी के संकल्प दिवस यानी 22 जून को होगा। ज्ञात हो कि आजसू पार्टी ने सात-सूत्री मांगों को लेकर बाबा साहेब की जयंती पर जेल भरो आंदोलन करने का निर्णय लिया था,