द फॉलोअप डेस्क
पटना स्थित बाढ़ अनुमंडल के मलाही गांव में बच्चों की मामूली लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया है। जानकारी के अनुसार, बच्चों की लड़ाई तब और भी ज्यादा हिंसक हो गया जब इसमें बड़े शामिल हुए। जानकारी है कि दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और रोड़ेबाजी हुई, जिसमें 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बताया जाता है कि स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, सभी घायलों को बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, स्थानीय लोगों ने इस विवाद का कारण कुछ दिन पहले की घटना को जोड़ते हुए बताया कि, जब गांव के बच्चों के बीच खेल-खेल में झगड़ा हुआ था, तब उस समय आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करा दिया था।
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लेकिन यह शांति ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। मामला तब बिगड़ा जब एक पक्ष के दो बच्चे गांव के बागीचे में खेलने गए। वहां दूसरे पक्ष के बच्चों से उनका विवाद फिर से शुरू हो गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लड़कों ने मौके की नजाकत को देखते हुए फोन कर 10 से 15 बाहरी लड़कों को बुला लिया। चश्मदीदों के अनुसार, भीड़ ने बागीचे में मौजूद बच्चों की बेरहमी से पिटाई कर दी और उन्हें दौड़ाते हुए उनके घर तक पहुंच गए। वहीं, जब परिजन और आसपास के लोग अपने बच्चों को बचाने के लिए आए, तो स्थिति अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों के साथ-साथ ईंट-पत्थर भी चले। इस अफरातफरी में बीच-बचाव करने आईं महिलाएं भी हिंसा का शिकार हुईं।

बहरहाल, पुलिस द्वारा पूछताछ में बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में इलाजरत पहले पक्ष के घायल रवि कुमार ने बताया कि मैं अपने साथी उदय कुमार के साथ बागीचे में खेल रहा था। तभी दूसरे पक्ष से एक लड़के ने फोन कर 10-15 गुंडों को बुला लिया और हमारे साथ मारपीट शुरू कर दी। वहीं, दूसरे पक्ष के घायल सूरज कुमार का कहना है, मैं सड़क किनारे खड़ा था, तभी कुछ युवक आए और मुझे जबरन खींचते हुए अपने घर की ओर ले गए। वहां उन सभी ने मिलकर हमारी पिटाई कर दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।