द फॉलोअप डेस्क
भीम राव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय की पहली मेरिट लिस्ट ने इसकी शिक्षा व्यवस्था के पूरे सिस्टम को उजागर करके रख दिया है। दरअसल जिन कॉलेजों कोई विषय उपलब्ध ही नहीं है, वहां भी उन विषयों पर नामांकन लिए जा रहे है। मानो विश्वविद्यालय ने कोई जादू भरा कोर्स शुरू कर दिया है। RPS कॉलेज महनार में उर्दू की पढ़ाई नहीं होती लेकिन मेरिट लिस्ट में उर्दू के छात्र भेज दिए गए, अब कॉलेज प्रशासन आखिर क्या करे। वहीं श्यामनंदन सहाय कॉलेज में भी सीटें कम दी गई जिससे वहां छात्र अधिक और सीट कम पड़ गए। 
यह तो एक अलग ही तमाशा सामने आया है, उस कॉलेज में नामांकन हो रहे हैं जहां उस विषय के विभाग ही नहीं हैं। वहीं एक कॉलेज में इतने छात्र आ गए कि सीट ही कम पड़ गए। जानकारी के अनुसार जब विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया जाता है तो DSW महोदय कहते हैं “शिकायतें मिली हैं, सुधार होगा।” मगर इस तरह की गलतियाँ कैसे हो रही है इस पर सब खामोश हैं। कुलपति ने भी मौन व्रत रख लिया है। 
बता दें कि 12 जुलाई तक नामांकन होने हैं और 15 जुलाई से कक्षाएं। लेकिन जसई तरह के मामले सामने आए हैं उसके बाद एक सवाल खड़ा हो चुका है कि कक्षाएं किस बुनियाद पर शुरू की जाएगी। जहां नामांकन की मेरिट लिसीट में ही गड़बड़ी हो वहां शिक्षा का क्या हाल होगा।