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"कैश फॉर प्रसव" केस में ANM समेत 3 नर्सें हटाई गईं, सीएम हेमंत के हस्तक्षेप पर सख्त एक्शन

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पलामू:

पलामू के पांकी सीएचसी में प्रसव के एवज में प्रसूता से 10 हजार रुपये की मांग किए जाने की घटना को सीएम हेमंत सोरेन ने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने पलामू डीसी को इस मामले में जांच और कार्रवाई का आदेश देते हुए सभी जिलों में अस्पतालों का ऑडिट करने का निर्देश दिया था। सीएम हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप का बड़ा असर हुआ है। प्रसव के एवज में प्रसूता के परिजनों से 10 हजार रुपये की मांग मामले में एएनएम समेत 3 नर्सों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया है। नर्सों को तत्काल प्रभाव से उनकी ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। 

 

आरोप है कि पांकी सीएचसी में प्रसव के लिए पहुंची बालूडीह गांव निवासी गर्भवती महिला सुनीता देवी की सास सुकनी देवी से नर्सों ने 10 हजार रुपये मांगे। आरोप यह भी है कि रुपये देने में असमर्थता जताने पर स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने पीड़ितों के साथ बदसलूकी की। पीड़ित परिवार की ओर से चिकित्सा प्रभारी को लिखित शिकायत दी गई थी। सिविल सर्जन भी वरीय पदाधिकारियों के साथ पीड़िता के गांव पहुंचे और छानबीन की। 

चिकित्सा प्रभारी को दी थी लिखित शिकायत
प्रसूता सुनीता देवी के परिजनों ने इस बाबत चिकित्सा प्रभारी को लिखित शिकायत दी थी। मामला सोशल मीडिया में भी वायरल हुआ तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संज्ञान लेकर जांचोपरांत कार्रवाई का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री ने पलामू डीसी से इस केस में तत्काल जांच और कार्रवाई करने को कहा था। उन्होंने यह भी कहा था पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसे मामलों का ऑडिट किया जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए। 

प्रसूता के परिजनों से 10 हजार रुपये मांगे
चिकित्सा प्रभारी महेंद्र कुमार ने बताया कि प्रसूता के परिजनों से 10 हजार रुपये की मांग करने के मामले में तत्काल प्रभाव से 1 नियमित नर्स और 2 एएनएम को हटा दिया गया है। सिविल सर्जन ने पांकी प्रखंड के वरीय अधिकारियों के साथ पीड़ित के घर पहुंचकर जांच की। पीड़ितों ने बताया कि उनसे ना केवल पैसों की मांग की गई, बल्कि अस्पताल कर्मियों द्वारा अभद्रता भी की गई। 

सरायकेला-खरसावां में हुई शर्मनाक घटना
गौरतलब है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अनियमितता का एक मामला सरायकेला-खरसावां जिले से भी सामने आया है। आरोप है कि राजनगर सीएचसी में पहुंची गर्भवती सहिया विनीता बानरा का प्रसव नर्सों ने मोबाइल टॉर्च की रौशनी में कराने का प्रयास किया। अत्यधिक ब्लीडिंग की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई और आखिरकार जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। 

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