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बिहार में लगेगा ‘वेस्ट टू एनर्जी प्लांट’;कचरे से बनेगी बिजली, बायोगैस और जैविक खाद

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बिहार
राजधानी पटना और आसपास के कचरे का निस्तारण करने के लिए ‘वेस्ट टू एनर्जी प्लांट’ लगाने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के तहत शहर के 12 नगर निकायों के कचरे को अब बिजली, कंप्रेस्ड बायोगैस और जैविक खाद तैयार किया जाएगा। रामचक बैरिया में 40 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित किया जाएगा। शुरुआत में 20 से 25 एकड़ जमीन पर प्लांट का निर्माण होगा। प्लांट शुरू होने के बाद पटना सहित 13 नगर निकायों का कचरा यहां प्रोसेस किया जाएगा।

रोजाना करीब 400 टन कचरा प्लांट में पहुंचेगा
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 514 करोड़ रुपये है। निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी हैदराबाद की कंपनी री-सस्टेनेबिलिटी को दी गई है। कंपनी सरकार से 126 करोड़ रुपये की सहायता लेगी, जबकि बाकी 388 करोड़ रुपये का निवेश खुद करेगी। यह प्लांट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर तैयार किया जाएगा। नगर निकायों को रोजाना करीब 400 टन कचरा प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी। कंपनी कचरे से बनने वाली बिजली और गैस की बिक्री से आय अर्जित करेगी।

गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे
इस वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 1600 टन कचरा प्रोसेस करने की होगी। इसमें 15 मेगावाट क्षमता का बिजली संयंत्र, 100 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो-मीथेनेशन प्लांट और 700 टन प्रतिदिन क्षमता की कम्पोस्टिंग यूनिट बनाई जाएगी। इसके अलावा सूखे कचरे की रीसाइक्लिंग के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी भी विकसित की जाएगी। शहर के छह अंचलों में गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन बनाए जाएंगे, जहां कचरे की छंटाई के बाद उसे बैरिया प्लांट भेजा जाएगा। इस परियोजना से कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण होगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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