द फॉलोअप डेस्क
गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत बुमेर पंचायत में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। विघी पहाड़ी के समीप स्थित सैनिक अभ्यास फील्ड रेंज में एक जिंदा बम (बिना फटा विस्फोटक) फटने से 15 वर्षीय किशोर सौरभ कुमार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस धमाके में एक अन्य किशोर मुकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया रेफर किया गया है। उसकी स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है।.jpeg)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 जनवरी से सीआरपीएफ राजगीर की टीम द्वारा इस रेंज में फायरिंग अभ्यास किया जा रहा था। हालांकि अभ्यास एक दिन में ही समाप्त हो गया, लेकिन नियमानुसार अभ्यास के बाद इलाके की गहन जांच कर वहां मौजूद गोला-बारूद को सुरक्षित रूप से नष्ट नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण एक अप्रस्फुटित विस्फोटक खुले मैदान में रह गया, जिसे चुनने के दौरान हुए धमाके ने किशोर की जान ले ली।
घटना के बाद इलाके में जबरदस्त आक्रोश और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र नियमित सैन्य अभ्यास के लिए उपयोग होता है, लेकिन यहां न तो कोई स्थायी घेराबंदी है और न ही प्रभावी निगरानी। चेतावनी बोर्ड और चौकसी के अभाव में ग्रामीण अक्सर प्रतिबंधित क्षेत्र के करीब पहुंच जाते हैं, जिससे उनकी जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।.jpg)
बुमेर पंचायत के मुखिया संजीव कुमार उर्फ गुड्डू यादव ने बताया कि सीआरपीएफ अधिकारियों का दावा है कि जिस ग्रेनेड से विस्फोट हुआ, वह उनकी फायरिंग का हिस्सा नहीं था। वहीं, स्थानीय विधायक ज्योति देवी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घोषणा की कि वे इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में जोर-शोर से उठाएंगी।.jpeg)
घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सैन्य अभ्यास क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और लावारिस पड़े विस्फोटकों को लेकर एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए इलाके की घेराबंदी और सख्त निगरानी की मांग की है।