द फॉलोअप डेस्क
देश में H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस ने अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है। अबतक इस वायरल ने 2 लोगों की जान ले ली है। जिसमें कर्नाटक के हासन जिले के 82 साल का वृद्ध और हरियाणा के जींद का 56 साल का व्यक्ति है। अब इस वायरस ने बिहार में भी दस्तक दे दी है। यहां एक महिला आरएमआरआई में हुई जांच में सांक्रमित पाई गई है। मिली जानकारी के अनुसार ओपीडी में जांच के दौरान महिला के ब्लर्ड सैंपल लिया गया था। जिसकी जांच में महिला H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस से संक्रमित पाई गई। पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। सिविल सर्जन ने सभी डॉक्टरों को एहतियात बरतने को कहा है।

इस महीने 21 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच
H3N2 इन्फ्लुएंजा वायरस के तेजी से बढ़ते मामले को देखते हुए राज्य में इस महीने 21 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई थी। इसमें से पहला मामला रविवार को सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला को तेज बुखार,सर्दी,खांसी और शरीर में दर्द की शिकायत थी। इसके साथ ही उसे उल्टी भी हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर ने उसे उसका सेरोलॉजिक जांच करवाया। गौरतलब है कि बिहार में ज्यादातर अस्पतालों में ओपीडी में 30 से 40 प्रतिशत ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए डॉक्टर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। यह वायरस भी कोरोनावायरस जैसा ही इनफेक्ट है। जो सीधे हमारे लंग्स पर अटैक करता है।

H3N2 वायरस के लक्षण
आपको बता दें कि आईसीएमआर ( ICMR), देश भर में अपने वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेटरीज के नेटवर्क के जरिए वायरस से होने वाली बीमारियों पर नजर बनाएं रखता है। आईसीएमआर में महामारी विज्ञान की प्रमुख डॉ निवेदिता के मुताबिक 15 दिसंबर से अब तक 30 वीआरडीएलएस के डाटा ने इंफ्लूएंजा ए एच2एन2 ( H3N2) के मामलों की संख्या में तेजी रिकॉर्ड की है। ICMR के मुताबिक अस्पताल में भर्ती ए3एन2 ( H3N2) मरीजों में 92 फ़ीसदी मरीजों में बुखार, 86 फ़ीसदी मरीजों को खांसी, 27 फ़ीसदी को सांस फूलना, 16 फ़ीसदी को घबराहट की समस्या देखी गई। इसके अलावा आईसीएमआर ने निगरानी में पाया गया कि ऐसे ही 16 फ़ीसदी रोगियों को निमोनिया था और 6 फ़ीसदी लोगों को दौरे पड़ते थे। आईसीएमआर के मुताबिक ( H3N2) वायरस से पीड़ित पेशेंट में से लगभग 10 फ़ीसदी रोगियों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है और 7 फ़ीसदी को आईसीयू में देखभाल की जरूरत होती है।