द फॉलोअप डेस्क
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की जमानत पर रोक लगा दी गई है। बताते चलें कि, आज ही यानि सोमवार को उनकी जमानत को लेकर कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन अब इस पर कोर्ट द्वारा रोक लगा दी गई है। दरअसल, पटना स्थित सिविल कोर्ट को आज ही बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके कारण पप्पू यादव से संबंधित सुनवाई को कोर्ट ने टाल दिया। बताते चलें कि, पप्पू यादव की गिरफ्तारी का कारण 31 साल पुराना मामला है। यादव फिलहाल बेऊर जेल में ही रहेंगे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें PMCH ले जाया गया था, जहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई थी। अस्पताल अधीक्षक राजीव कुमार के अनुसार उनकी सेहत ठीक पाई गई थी।
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हालांकि,पूर्णिया सांसद की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। वहीं, रविवार को पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘पप्पू यादव को रिहा करो’ के पोस्टर के साथ प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पोस्टर भी जलाए गए। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी पप्पू यादव और NEET छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन देखने को मिला। जिसमें पीड़िता की मां और परिजन भी शामिल थे। बताते चलें कि, NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर पप्पू यादव लगातार सरकार को घेरते रहे हैं।
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उन्होंने अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों के कथित ऑडियो क्लिप भी जारी किए थे। जिसमें इलाज में लापरवाही के आरोप भी लगाए गए थे। उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाना शुरू कर दिया था। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि आजकल तानाशाही चल रही है। दोषियों को बचाया जा रहा है और निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। हालांकि, इस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि देश में कानून का राज है और कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई होना तय है, चाहे जो भी हो। बहरहाल, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार न किसी को फंसाती है और न बचाती है, कानून सभी के लिए समान है।