द फॉलोअप डेस्क
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने आज एक बयान जारी किया । जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आज 9 अन्य प्रमुख विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव आयोग द्वारा बिहार में की जा रही त्रुटिपूर्ण और विनाशकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि "यह एक ऐसा कृत्य है जिसकी दुर्भावनापूर्ण और मनमानी प्रक्रिया के कारण भारी संख्या में मतदाताओं के नाम आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व मतदाता सूची से हटाए जाने की पूरी आशंका है। संपूर्ण विपक्ष इस जनविरोधी कवायद के खिलाफ एकजुट होकर आम लोगों के साथ खड़ा है"। साथ ही उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए गुरुवार 10 जुलाई 2025 को तारीख निर्धारित की है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने इस दौरान "सत्यमेव जयते" का नारा भी दिया और बिहार के मतदाताओं के हितों की रक्षा की बात कही। उनका भी यह मानना है कि यह एक षड्यंत्रकारी निर्णय है जो कि मतदाताओं के लिए सही नहीं है। 
जानकारी के लिए बता दें की यह पुनरीक्षण 24 जून 2025 से शुरू कर दिया गया है जिसमें कुछ आवश्यक दस्तावेजों का भी होना अनिवार्य किया गया है। जिसको लेकर कई सारे राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक षड्यन्त्र है। और यही कारण है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व वोटरलिस्ट अपग्रेडेशन की प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़े हो रहे हैं। इसकी आखिरी तारीख 25 जुलाई 2025 रखी गई है। और अब यह यह मामला इतना बढ़ चुका है कि कई याचिकाकर्ताओं के द्वारा याचिका दायर करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने ये ऐलान किया है कि इस पर 10 जुलाई को सुनवाई की जाएगी।