दिल्ली:
बिहार के छपरा में नकली शराब का सेवन करने से हुआ मौत का तांडव आप सबको याद ही होगा। इस मामले में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने मामले के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस क्राइम ब्रांच (Police Crime Branch) ने उसे दिल्ली में पकड़ा है। मास्टरमाइंड का नाम राम बाबू (Ram Babu) है। जिसकी उम्र 35 साल है। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने बिहार पुलिस को जानकारी दी है। राम बाबू पर केमिकल डालकर शराब तैयार करने का आरोप है। बता दें कि इस शराब के सेवन करने से करीब 83 लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही कई लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी थी। इस मामले की मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद बिहार शराब कांड के कई गहरे राज से पर्दा उठेगा।

सीएम ने दिया था बेतूका बयान
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, बावजूद जहरीली शराब पीने से हो रही मौत की घटनाओं ने नीतीश सरकार पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। बिहार में जहरीली शराब के सेवन से अब तक 83 लोगों की मौत हो गई है। वहीं इस मामले को लेकर जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बात की गई थी तो उनका बड़ा ही बेतूका बयान सामने आया था। नीतीश ने कहा था कि जो शराब पियेगा, वह मरेगा। जिसके बाद इस मामले की सियासत छिड़ गई थी। इस मामले को लेकर मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सदन में खूब हंगामा किया था। सीएम से इस्तीफा तक की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री की तीखी टिप्पणी तब आई जब शराबबंदी की उनकी नीति पर राजनीतिक रणनीतिकार से कार्यकर्ता बने उनके पूर्व सहयोगी प्रशांत किशोर सहित कई लोगों ने उन्हें निशाना बनाया और शराबबंदी कानून को खत्म करने की मांग की।

सारण की घटना
बता दें कि 16 दिसंबर को बिहार के सारण जिले से जहरीली शराब से मौत का पहला मामला सामने आया था। सीवान के भगवानपुर में शराब के सेवन से की 11: 15 बजे तक लोगों की तबीयत बिगड़ी जिसके बाद आनन-फानन में उन्हें सारण जिले में जहरीली शराब पीकर बीमार पड़ने के बाद के सदर अस्पताल में आने का सिलसिला शुरू हुआ।भर्ती कराया गया। बीमार पड़े लोगों के स्वजन एंबुलेंस एवं निजी वाहन से लेकर सदर अस्पताल में पहुंच रहे थे। परिजनों का कहना था कि बीमार लोगों ने बताया कि तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए घर में ही आराम कर रहे थे, परंतु जब आंखों की रोशनी घटने की शिकायत महसूस हुई तो आनन-फानन में अस्पताल लाए।