द फॉलोअप डेस्क
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा प्रहार किया है। रोहिणी ने सोशल मीडिया (X) पोस्ट के जरिए तंज कसा और कहा कि प्रधानमंत्री चर्चा के मुद्दे ढूंढने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े 'पेपर लीक' जैसे गंभीर विषय पर वे पूरी तरह मौन हैं।

12 वर्षों का हिसाब और 90+ परीक्षाओं में धांधली का आरोप
उन्होंने सवाल उठाया कि जो प्रधानमंत्री हर साल छात्रों के साथ 'परीक्षा पर चर्चा' करते हैं, वे आखिर पेपर लीक की विभीषिका पर बात करने से क्यों बच रहे हैं? क्या देश के युवाओं का भविष्य उनकी प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है? अपने ट्वीट में रोहिणी ने पिछले 12 वर्षों के शासनकाल का हवाला देते हुए एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान 90 से अधिक बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी। रोहिणी ने सवाल किया कि क्या दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश में युवाओं के सपनों के साथ हो रहा यह निरंतर खिलवाड़ सरकार के लिए कोई अहमियत नहीं रखता? यह चुप्पी उन लाखों अभ्यर्थियों के घावों पर नमक छिड़कने जैसी है जो दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
क्या कभी पेपर लीक पर भी बोलेंगे प्रधानमंत्री ?
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) May 14, 2026
हमारे प्रधानमंत्री जी चर्चा करने का मौका व् मुद्दा ढूंढ निकालने के लिए ही जाने जाते हैं , अभी मौका भी मुफीद है और मुद्दा भी देश के युवाओं के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ा है , ऐसे में काश प्रधानमंत्री जी कभी "पेपर लीक" पर भी एक… pic.twitter.com/lD3M9uDzHo
सरकार की नीयत पर सीधे सवाल
रोहिणी आचार्य ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की संलिप्तता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि कहीं पेपर लीक का यह 'गोरखधंधा' सरकार की जानकारी और सरपरस्ती में तो नहीं फल-फूल रहा है? उन्होंने आशंका जताई कि सरकार की मौन सहमति ही इस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। रोहिणी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में हाल की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर छात्रों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है।