द फॉलोअप डेस्क
बिहार की ग्रामीण सड़कें आगामी 30 जून तक गड्ढामुक्त हो जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम यातायात को सुनिश्चित करने के लिए बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग ने इसका कार्य शुरू कर दिया है। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 तक सभी सड़कों के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभागीय अधिकारियों की माने तो, जिन सड़कों की अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है। उनका निर्माण, पुनर्निर्माण, उन्नयन और नवीनीकरण किया जाएगा।
इस पहल के तहत हो रहा काम
इस योजना को "ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम" नामक पहल के तहत किया जा रहा है। इसे 14 नवम्बर 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिल चुकी थी। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सड़कों और पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से जियो टैग फोटोग्राफ और जमीनी सर्वेक्षण भी किया जाएगा, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे।
3000 करोड़ से अधिक है लागत
इस कार्यक्रम के तहत राज्य में कुल 2185 सड़कों (3530.882 किलोमीटर) का उन्नयन किया जाएगा, जिसके लिए 3056.13 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। इसके साथ ही राज्य भर में 13,436 सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 23,938.545 किलोमीटर होगी। इस पर 20,322.415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बता दें कि स्वीकृत सड़कों के लिए निविदा प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी और इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत सभी सड़कों का साल में दो बार कालीकरण किया जाएगा। इसके अलावा सतत ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए रैपिड रोड रिपेयर व्हीकल की व्यवस्था भी की जाएगी। ताकि सड़कों की मरम्मत त्वरित रूप से हो सके। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4182 सड़कों (7300 किलोमीटर) की मरम्मत और उन्नयन किया जाएगा, जो 31 मार्च 2025 तक पंचायत स्तर के अनुश्रवण से बाहर हो जाएंगी। इन सड़कों का कार्य 2025-26 में स्वीकृत बजट से किया जाएगा।
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