स्वामी विवेकानन्द की दुनिया और हिन्दुत्व
भारत के मुख्य न्यायाधीश नथालपति वेंकट रमन ने कल वह बात कह दी, जो कभी डाॅ. राममनोहर लोहिया कहा करते थे।
इतिहासकार और लेखक सुभाषचंद्र कुशवाहा की रूस यात्रा
'विवेकानन्द ने कहा था ‘आधुनिक भारत सभी प्राणियों की आध्यात्मिक बराबरी को तो स्वीकार करता है, लेकिन क्रूरता के साथ सामाजिक भेदभाव करता है।‘
अचानक एक नई धुन दिमाग में आ गयी और बापू ने उसे गाना शुरू कर दिया
खबरों का ‘तालिबानीकरण’ यानी प्रतिरोध को नपुंसक बनाने का षड्यंत्र
'भारत में सेकुलरिज्म और राजनीतिक दल
हिंदी के लेखक और इतिहासकार के माध्यम से रूस को देखिये
गांधी जी की प्रिय कार्यकर्ता अम्तुस सलाम शिरंडी गांव में रहकर काम कर रही था।
हिन्दुस्तान की व्यापक धार्मिक समझ रही है कि उनका हिंदू या सनातन धर्म या वेदांत केवल मजहब शब्द का समानार्थी नहीं है।
'अफगानिस्तान के मौजूदा हालात उन लोगों के लिए एक सबक हैं जो धर्म को सत्ता संचालन का आधार बनाना चाहते हैं।
बीत चुका समय सोच - विचार की गुंजाइश को बड़ा फलक देता है। इस तरह, संस्मरण किसी व्यक्ति की सहचर्या का सप्रसंग कथन भर नहीं है, उसके कृतित्व की रेखाओं को इतिहास की दीवार पर खोजना भी है। आज राधाकृष्ण जी की स्मृतियों से जुड़ने का दिन है।