जानामि धर्म न च में प्रवृत्ति:। जानामि अधर्म न च में निवृत्ति:।।
भारत में पहले से भी अधिक गहरी होती जा रही है अमीर-गरीब के बीच खाई
श्रीरामकृष्ण परमहंस और विवेकानन्द की हिन्दू धर्म संबंधी मुख्य अवधारणाएं लकीर की फकीर की तरह नहीं हैं।
बोलते समय रखें एहतियात नहीं तो हो सकते हैं अर्थ के अनर्थ
झारखंड के लोक कलाकार जीतन मरांडी का निधन
अफ़ग़ानिस्तान के जानकार पत्रकार पुष्परंजन के बक़ैल-तालिबानी दमन से त्रस्त अफगानी मीडिया
झारखंड में इन दिनों नमाज़ के लिए आवंटित कमरे पर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष कमरे का विरोध कर रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी भोजपुरी और मगही पर पर बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष भी इन्हीं मुद्दों पर सरकार को घेरने में पूरी तरह मशगूल है, लेकिन झा
'द फॉलोअप के पाठक सिलसिलेवार गांधी और उनके विचार-व्यवहार से रूबरू हो रहे हैं।
विवेकानन्द की दुनिया और हिन्दुत्व यानी हिन्दुइज़्म में सेक्युलरिज़्म
हिंदी हैं हम वतन हैं, हिंदुस्तां हमारा
करीब डेढ़ सौ साल पहले भारतेंदु हरिश्चंद ने लेख लिखा था, हिंदी नई चाल में ढली। उसका चलना आज भी जारी है। रहना भी चाहिए।
'हिंदी दिवस पर ख़ास पेशकश की छठवीं कड़ी