द फॉलोअप डेस्क
कोल्हान विश्वविद्यालय मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आंदोलन से गूंजता रहा। सुबह साढ़े दस बजे से ही सैकड़ों छात्र-छात्राएं कोल्हान विश्वविद्यालय के चाईबासा स्थित मुख्यालय के मुख्य गेट पर जुटने लगे। बैनर और तख्तियों के साथ जब नारेबाजी तेज हुई, तो मुख्य गेट पर छात्रों ने ताला जड़ दिया। हालात ऐसे बने कि कुलपति समेत विश्वविद्यालय के तमाम पदाधिकारी करीब दो घंटे तक प्रशासनिक भवन के भीतर ही कैद होकर रह गये।.jpeg)
अभाविप ने इस दौरान अपनी 20 सूत्री मांगों को जोर-शोर से रखा। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय में चल रहे शैक्षणिक सत्र को अविलंब दुरुस्त किया जाये, ताकि विद्यार्थी समय पर अपनी पढ़ाई और डिग्री पूरी कर सकें। महाविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए गये। छात्रों ने कहा कि विवि के कॉलेजों में न पीने का साफ पानी, न शौचालय की व्यवस्था और न ही छात्राओं के लिए कॉमन रूम है। इन सभी को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार द्वारा स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक विश्वविद्यालय स्तर से गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि पठन-पाठन का काम बाधित न हो। पुस्तकालयों में नये पाठ्यक्रम की किताबें रखी जाएं, खेल सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाये और जिन महाविद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं, उनकी मरम्मत तुरंत की जाये।
धरना स्थल पर छात्रों ने यह भी मांग रखी कि परीक्षा केंद्र 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर न रखा जाये। जीई पेपर की विशेष परीक्षा के प्रपत्र भरने की तिथि 10 दिन बढ़ाई जाये। साथ ही सत्र 2023-27 के यूजी सेमेस्टर-2 की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाये।.jpg)
अभाविप विभाग संयोजक अभिषेक तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर छह माह के भीतर सभी 20 सूत्री मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो परिषद फिर से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
इस दौरान करीब चार घंटे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात कर समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद गेट पर जड़ा ताला खोला गया और छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन समाप्त हुआ।