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Jharkhand : माओवादियों को नए साल में बड़ा झटका, 1 करोड़ के 8 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर

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चाईबासा:
झारखंड को नक्सली मुक्त (Naxalite free Jharkhand) बनाने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। इस प्रयास में उन्हें सफलता भी मिल रही है। इसी बीच पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। नए साल के पहले महीने में  ही पुलिस ने नक्सलियों को बड़ा झटका दिया है। 1 करोड़ के इनामी सेंट्रल कमिटी के शीर्ष नक्सली अनल के दस्ते के 8 नक्सली संगठन छोड़ (8 Maoists of Anal's squad left) कर भाग निकले हैं। इनमें 2 महिला भी शामिल है। खबर है कि इन 8 नक्सलियों ने पुलिस के सामने बुधवार यानि आज सरेंडर कर सकते हैं। सरेंडर करने वालों में प्रमुख नक्सली जयराम बोदरा,मार्टिन अंगरिया,सरिता सरदार सहित अन्य शामिल है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने किसी नक्सली आधिकारिक रूप से सरेंडर करने की पुष्टि नहीं की है।


चाईबासा और कोल्हान इलाकों के नक्सली
मिली जानकारी के अनुसार यह सभी नक्सली चाईबासा और कोल्हान के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से सक्रिय थे। यह सभी अनल जी के दस्ते से जुड़े थे। अनल के दस्ते में होने से इन सभी की संगठन पर अच्छी पकड़ है। इनके सरेंडर करने से पुलिस को नक्सलियों से जुड़े और भी कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। 


15 लाख के इनामी नक्सली अमन गंजू ने किया था सरेंडर
जानकारी के अनुसार कोल्हान इलाके में माओवादियों की एक बड़ी बैठक हुई थी। उस बैठक में आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के खिलाफ कई तरह के आरोप लगाए गए थे। इस आरोप को एक साथ मिलकर खंडन भी किया गया था। लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। स्थानीय होने के बावजूद संगठन में हो रहे भेदभाव से नाराज होकर सभी 8 नक्सली अनल का दस्ता छोड़कर फरार हो गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया ताकि आत्मसमर्पण कर सके। गौरतलब है कि झारखंड पुलिस का आत्मसमर्पण नीति काफी काम कर रही है। बता दें कि पिछले दिनों 15 लाख के इनामी नक्सली अमन गंजू ने भी पुलिस के सामने अपने हथियार डाले थे।