द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना अंतर्गत गैड़ा ग्राम निवासी अहमद रजा पर असम की रहने वाली 22 वर्षीया युवती रोशनी मेस ने धर्म परिवर्तन और बंधक बनाकर शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। रोशनी ने विष्णुगढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर आवेदन दिया है।
अपने आवेदन पत्र में रोशनी ने लिखा है, "वर्ष 2023 में इंस्टाग्राम के माध्यम से 'Ahmad Baba' नाम की आईडी से अहमद रजा मेरे संपर्क में आया। उसने अपना नाम राहुल बताया और मुझे शादी करने का विश्वास दिलाकर प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद शादी के उद्देश्य से मुझे घर में बिना बताए भागने के लिए उत्प्रेरित किया और मैं संभवतः जून 2023 में अपने घर से भागकर राहुल के घर, उसे हिंदू धर्म का मानने वाला समझते हुए, हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के गैड़ा गांव आ गई।"
आवेदन में आगे लिखा है, "घर पहुंचने के बाद मुझे पता चला कि राहुल मुस्लिम युवक है और उसने मुझसे धोखे से धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से बुलाया था। बाद में पता चला कि राहुल ही अहमद रजा है और वह पहले से शादीशुदा है, उसके दो बच्चे भी हैं। अहमद रजा के पूरे परिवार ने मुझ पर दबाव डालकर कोर्ट में शादी का निबंधन कराने के लिए मजबूर किया और मुझे अपने परिवार से संपर्क भी नहीं करने दिया गया।"
युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि अहमद रजा ने उसे कोर्ट में झूठे गवाहों के माध्यम से डरा-धमकाकर मुस्लिम बनाते हुए शादी का निबंधन कराया। वह लिखती है, "घर में मुझे डराया-धमकाया गया और नया माहौल होने की वजह से मैं कुछ बोल नहीं पाई। मुझे लगभग दो वर्षों से अहमद रजा और उसके परिवार के लोगों द्वारा घर में नजरबंद कर रखा गया। कई बार मैंने अपने घर और स्थानीय पुलिस से मदद मांगने की कोशिश की लेकिन मुझे निकलने ही नहीं दिया गया।"
उसने यह भी आरोप लगाया कि अहमद रजा ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए, जिससे एक पुत्र जन्मा जिसकी उम्र लगभग एक वर्ष है। रोशनी का कहना है कि दो वर्षों तक उसे जबरन मुस्लिम धर्म से संबंधित धार्मिक क्रियाकलापों को करने के लिए मजबूर किया गया।
"26 अगस्त को जैसे ही मुझे मौका मिला, मैं घर से भाग निकली और लोगों से मदद मांगने लगी। कुछ लोगों की मदद से मैं स्थानीय थाना पहुंची।" रोशनी मेस ने अपने आवेदन में अहमद रजा, दिलनाज खातून, अब्दुल कादिर, वासिम और रानी खातून के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

