जामताड़ा
फॉलोअप में “साहब! ये सड़क है या भ्रष्टाचार का गवाह?” शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। गुरुवार को खबर छपते ही जामताड़ा उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए।
मौके पर पहुँचे अधिकारी
उपायुक्त के निर्देश के बाद एन आर ई पी के कार्यपालक पदाधिकारी योगेश कुमार अपनी टीम के साथ सदर प्रखंड के दक्षिण बहाल पंचायत स्थित संथालपीपला गांव पहुँचे। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता और निर्माण की स्थिति का गहन जांच की, निरीक्षण के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया: इस परियोजना के तहत केवल 1000 फीट सड़क निर्माण की राशि स्वीकृत की गई थी। अधूरा निर्माण: शेष 1000 फीट सड़क का निर्माण जमीन विवाद के कारण रुका हुआ है। विभाग का दावा है कि इस हिस्से के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया है। सड़क के टूटने और खराब गुणवत्ता की शिकायतों पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही इसकी मरम्मत करा दी जाएगी।
ग्रामीणों को राहत की उम्मीद
बता दें कि इस सड़क की हालत इतनी बदतर हो गई थी कि एंबुलेंस तक रास्ता बदल लेती थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। 'फॉलोअप' द्वारा इस जनहित के मुद्दे को उठाए जाने के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही भ्रष्टाचार से मुक्त और बेहतर सड़क नसीब होगी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।