द फॉलोअप डेस्क
टेंडर कमीशन मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री आमलगीर आलम को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। वे पिछले कई महीनों से जेल में थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 मई 2024 को टेंडर कमीशन से जुड़े मामले में पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सरकारी टेंडरों में अनियमितताओं और कमीशन के जरिए वित्तीय गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद मामले में कई बार सुनवाई हुई और अलग-अलग अदालतों में जमानत की याचिका दायर की गई। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी है।
सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि मामला गंभीर है। कमीशनखोरी ओर मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। न्यायालय के आदेश के आलोक में अब तक चारों गवाहों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। वहीं आलमगीर आलम की ओर से कहा गया कि वह 77 साल के है। दो साल से अधिक समय से जेल में हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आलमगारी आलम को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने आलमगीर आलम के पीए संजीव लाल को भी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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