रांची
भाजपा विधायक दल के नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ पुलिस अधिकारी कानून को निजी रंजिशें निकालने का जरिया बना चुके हैं। मरांडी ने दावा किया कि रामगढ़ जिले के पतरातू में मीट दुकान संचालित करने वाले राजेश साव पर पुलिस ने “फ्री में मीट न देने” के कारण झूठा आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।
मरांडी ने कहा कि इस मामले में आरोपी की पत्नी लगातार जांच की मांग कर रही है, जबकि पुलिस का दावा है कि युवक को रात में ‘योजना बनाते’ पकड़ा गया। “पत्नी का कहना है कि उसके पति को थाने से फोन कर बुलाया गया था। ऐसे विरोधाभास खुद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं,” मरांडी ने पोस्ट में लिखा।

उन्होंने आरोप लगाया कि “हेमंत सोरेन सरकार में विपक्षियों पर झूठे मुकदमे लगाने की जो परंपरा शुरू हुई थी, अब वही पुलिस अधिकारियों के बीच भी उतर आई है।” मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन को अब यह समझ आ गया होगा कि “शेर को सवा शेर जरूर मिलता है” और दूसरों के लिए गड्ढा खोदने का परिणाम क्या होता है।
मरांडी ने @ramgarhpolice को टैग करते हुए मांग की है कि पीड़िता के आवेदन के आधार पर थाना परिसर की CCTV फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने उच्च न्यायालय से यह भी आग्रह किया कि पिछले छह वर्षों में झारखंड में दर्ज हुए आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट, राजद्रोह और SC/ST एक्ट के सभी मामलों की समीक्षा की जाए, ताकि “फर्जी केस के जरिए आम जनता को प्रताड़ित किए जाने की सच्चाई सामने आ सके।”
