रांची
मांडर विधानसभा क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित कैम्बो मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को झारखंड कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस योजना पर 236 करोड़ 20 लाख 81 हजार रुपये की लागत आएगी। योजना पूरी होने के बाद मांडर और चान्हो प्रखंड के 14 गांवों के 4,055 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। यह योजना दक्षिणी कोयल नदी से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी लिफ्ट कर खेतों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर आधारित है। इसके जरिये खासतौर पर रबी फसल करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। योजना का काम वित्तीय वर्ष 2025-26 में शुरू करने और दो वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस परियोजना में डाइवर्जन संरचना, एप्रोच चैनल, पंप हाउस, पावर सब-स्टेशन, भूमिगत पाइपलाइन, डिलीवरी चैंबर, डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और कंट्रोल मैकेनिज्म शामिल होंगे। लाभान्वित होने वाले गांवों में कैम्बो, लुंडरी, बरहे, बेजांग, हुटार, चान्हो, सरगांव, मुरजुली, बाँसजारी, गुरगुरजारी, कुरकुरा, बखार, सोसई और बंझिला शामिल हैं।

मांडर और चान्हो क्षेत्र मुख्यतः कृषि प्रधान इलाका है, लेकिन ऊंचाई पर खेत होने की वजह से नहर प्रणाली से पानी पहुंचाना मुश्किल था। इससे कृषि गतिविधियों पर असर पड़ रहा था। राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री और मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन और अन्य मंत्रियों का आभार जताया।
उन्होंने कहा, “यह योजना किसानों के लिए, खासकर रबी फसल करने वाले किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। राज्य की गठबंधन सरकार ने किसानों के दुख-दर्द को समझा है और उन्हें राहत देने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है।” मंत्री ने यह भी कहा कि मांडर के विकास की यह सिर्फ शुरुआत है, आगे भी कई योजनाएं धरातल पर उतरेंगी।
.jpeg)