द फॉलोअप डेस्क
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक से जुड़े एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। झारखंड सीआईडी की एसआईटी टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 आईआरबी जवानों समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र देने के नाम पर ठगी करने का आरोप है।
पेपर लीक की जांच के दौरान मिला सुराग
सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) एक पुराने पेपर लीक केस की जांच कर रही थी, तभी इस गिरोह का खुलासा हुआ। सीआईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) के 6 जवान, असम राइफल्स का 1 जवान और रामगढ़ जिले में पोस्टेड एक होमगार्ड शामिल हैं।
एसआईटी अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच में यह भी पता चला कि इस गिरोह ने कुछ उम्मीदवारों को नेपाल ले जाकर परीक्षा के प्रश्न पत्र देने की पेशकश की थी। हालांकि, अब तक सीआईडी को पेपर लीक से जुड़ा कोई ठोस तकनीकी या भौतिक साक्ष्य नहीं मिला है।
सीआईडी के अनुसार, झारखंड "कंपीटिटिव एग्जाम प्रिवेंशन एंड रिड्रेसल ऑफ अनफेयर मीन्स इन रिक्रूटमेंट एक्ट 2003" के तहत दर्ज शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। 21 और 22 सितंबर 2024 को राज्यभर में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा 3 पालियों में आयोजित हुई थी। इसी परीक्षा में परीक्षार्थियों से प्रश्न पत्र देने के नाम पर ठगी और पैसे वसूले जाने की शिकायतें मिली थी। सीआईडी ने अपने बयान में कहा कि गिरोह के सदस्यों ने परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र देने का लालच देकर पैसे वसूले। इस वजह से सीजीएल पेपर लीक की अफवाहें फैलने लगी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी में
1. कुन्दन कुमार उर्फ मंटू (औरंगाबाद, बिहार) – आईआरबी-8 (गोड्डा) में आरक्षी
2. रोबिन कुमार (गिरिडीह, झारखंड) – आईआरबी-8 (गोड्डा) में आरक्षी
3. अखिलेश कुमार (कोडरमा, झारखंड) – आईआरबी-8 (गोड्डा) में आरक्षी
4. गौरव कुमार (चतरा, झारखंड) – आईआरबी-8 (गोड्डा) में आरक्षी
5. अभिलाष कुमार (गिरिडीह, झारखंड) – आईआरबी-8 (गोड्डा) में आरक्षी
6. राम निवास राय (औरंगाबाद, बिहार) – असम राइफल्स का जवान (लुधियाना, पंजाब में पोस्टेड)
7. निवास कुमार राय (औरंगाबाद, बिहार) – रामगढ़ जिले में होमगार्ड
8. कविराज उर्फ मोटू (औरंगाबाद, बिहार) – राम निवास राय का भतीजा
सीआईडी अब गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी है, जो गोरखपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने कई परीक्षार्थियों से पैसे ऐंठे थे, लेकिन अभी तक पेपर लीक का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। पुलिस अब मास्टरमाइंड को पकड़ने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है।