रांची
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को रांची के प्रोजेक्ट भवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में स्पष्ट कहा कि “शिक्षा राज्य की रीढ़ है और इसमें किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।” उन्होंने 350 नवचयनित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें 137 स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य गणित और विज्ञान विषयों में तथा गोड्डा जिले के 213 इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1 से 5) शामिल रहे।
यह समारोह शिक्षा विभाग की उस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसके तहत कुल 4333 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। सरकार का लक्ष्य 30 सितंबर तक शेष अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र सौंपने का है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ नौकरी पाने का अवसर नहीं, बल्कि राज्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा, “आपको 40 से 50 हजार रुपये तक का वेतन मिलेगा और यह आम जनता के टैक्स से दिया जाएगा। इसलिए यह केवल तनख्वाह लेने की बात नहीं, बल्कि कर्तव्यनिष्ठ होकर काम करने की अपेक्षा है।”

सीएम ने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में इसी सभागार से और नियुक्तियां दी जाएंगी, जिससे झारखंड की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिल सके। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे राज्य को बौद्धिक पहचान दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। समारोह में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और श्रम मंत्री सत्यम प्रिय यादव भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने नवचयनित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ राज्य के विकास की नई यात्रा का प्रतीक है।
