जामताड़ा
देश के सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद प्रमोद कुमार कमांडेंट, CRPF को सम्मान दिलाने के लिए सीआरपीएफ ने जामताड़ा डीसी को पत्र लिखा है. शहीद को स्थानीय स्तर पर सम्मान मिलने में देरी को लेकर CRPF के 154 बटालियन के कमांडेंट ने यह पत्र लिखा है. सीआरपीएफ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शहीद के गृह नगर में उनकी एक आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए. इसके साथ ही, उनके पैतृक क्षेत्र की किसी प्रमुख सड़क, भवन या पार्क का नामकरण 'शहीद प्रमोद कुमार' के नाम पर करने का अनुरोध किया गया है. इसे लेकर सीआरपीएफ ने सिपाही दिनेश सिंह को जिला मुख्यालय भेजा है. ताकि वर्तमान स्थिति और अब तक हुई प्रगति का विवरण प्राप्त किया जा सके.

15 अगस्त 2016 को हुए थे शहीद
बता दें मिहिजाम के पालवगान गांव के निवासी प्रमोद कुमार 15 अगस्त 2016 को श्रीनगर के नौहाटा चौक पर आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे. स्वतंत्रता दिवस के दिन जब पूरा देश जश्न मना रहा था, तब उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दो आतंकियों को ढेर किया. मुठभेड़ के दौरान एक गोली उनके सिर में लगी और वे वीरगति को प्राप्त हुए. उनकी वीरता के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया.
