द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले में शिक्षा और बच्चों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता की एक अनोखी तस्वीर सामने आई। उपायुक्त शशि प्रकाश टाटीझरिया प्रखंड के सरकारी स्कूल पहुँचे, जहाँ उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर न केवल गणित पढ़ाया बल्कि उनका जनरल नॉलेज टेस्ट भी लिया। कक्षा 10 के छात्रों ने जब डीसी साहब से सवाल सुने तो पूरा माहौल एकदम कक्षा जैसा हो गया। बच्चे बड़े उत्साह से जवाब देते रहे और डीसी भी बच्चों के साथ शिक्षक की भूमिका में दिखाई दिए। इसी दौरान उपायुक्त ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और मिड-डे मील की गुणवत्ता को भी परखा। बच्चों के साथ बैठकर उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर चर्चा की और अधिकारियों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, शशि प्रकाश अस्पताल भी पहुँचे और वहाँ की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएँ भी सुनीं और उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों, शिक्षकों और बच्चों ने इस पहल की खुलकर सराहना की। उनका कहना है कि जब जिला अधिकारी खुद स्कूल आकर बच्चों को पढ़ाएँ और उनका हौसला बढ़ाएँ तो बच्चों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है।
हजारीबाग डीसी शशि प्रकाश का यह दौरा प्रशासन की संवेदनशीलता और बच्चों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की मिसाल है। उनकी यह पहल न सिर्फ बच्चों में पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा जगाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि एक अधिकारी का असली दायित्व जनता के बीच जाकर उनके जीवन को बेहतर बनाना है।
