रांची:
झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवाएं संघ (Jharkhand State Health Services Association) से जुड़े राजभर के डॉक्टर शनिवार यानि आज बायोमेट्रिक उपस्थिति का बहिष्कार करेंगे। मतलब डॉक्टर आज अस्पताल भी आएंगे और काम भी करेंगे लेकिन अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक से नहीं बल्कि पंजी पर साइन से करेंगे। यह चिकित्सक दिसंबर माह से बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान के आदेश का विरोध कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए चिकित्सक व कर्मी समेत आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दिया था। इससे जिस की उपस्थिति जितने दिन ही होगी उतनी ही दिन का वेतन भुगतान होगा।

बायोमेट्रिक उपस्थिति से वेतन को जोड़ना सही नहीं
झासा के सचिव डॉ ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा कि बीते 4 दिसंबर को इस मुद्दे को लेकर झासा की बैठक हुई थी। जिसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान के आदेश को सुनिश्चित बताया गया। साथ ही इस व्यवस्था से आने वाले कठिनाइयों का हवाला देते हुए 14 दिसंबर को एक ज्ञापन स्वास्थ्य मंत्री को दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को भी ज्ञापन दिया गया। झांसा ने कहा कि कई अस्पतालों में बायोमेट्रिक उपस्थिति के उपकरण नहीं है कहीं बिजली का बैकअप नहीं है तो इंटरनेट सर्वर की परेशानी है। ऐसे में बायोमेट्रिक उपस्थिति से वेतन को जोड़ना सही नहीं है। साथ ही अनुरोध किया था कि बायोमेट्रिक उपस्थिति की मॉनिटरिंग के लिए डीसी और सिविल सर्जन को नोडल पदाधिकारी बनाया जाए। आज इसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है। इसलिए विरोध किया जा रहा है।