द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में ईडी की कार्रवाई तेज हो गई है। एजेंसी द्वारा छापेमारी में बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच को नया आयाम मिल रहा हैं। जिससे नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। जांच की दिशा को आगे बढ़ाते हुए ईडी अब सत्ता के करीबी विशाल चौधरी के घर से बरामद डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करवा रही है। इससे उसमें मौजूद साक्ष्यों को एक साथ किया जा सके।

फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया डिजिटल उपकरण
इसमें कई आईएएस-आईपीएस अधिकारियों सहित कई राजनेताओं का लेकर ईडी खुलासा कर सकती है। बता दें कि सत्ता के करीबी विशाल चौधरी के घर से बरामद डिजिटल उपकरण विशाल के करीबी अफसरों के लिए मुसीबत बनने वाली है। ईडी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विशाल चौधरी के घर में छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे। जिसमें मोबाइल,पेन ड्राइव,हार्ड डिस्क और दूसरे तरह के उपकरणों डिवाइस शामिल है। इन सभी डिजिटल उपकरणों को एजेंसी द्वारा फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच की रिपोर्ट आने के बाद एजेंसी को कई अहम सबूत हासिल होंगे।

कौन है विशाल चौधरी
झारखंड कैडर के कई आईपीएस और आईएएस अधिकारियों से विशाल के बेहद करीबी रिश्ते रहे हैं। विशाल चौधरी बिहार का मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। विशाल चौधरी को आईएएस राजीव अरुण एक्का का सबसे करीबी माना जाता है। विशाल चौधरी के दफ्तर का एक वीडियो वायरल होने के बाद ही राजीव अरुण एक्का को प्रधान सचिव के पद से हटा दिया गया था। बड़े अधिकारियों का अपने सिर पर हाथ पाकर विशाल ने रियल स्टेट के साथ-साथ कौशल विकास स्वास्थ्य, उत्पाद विभाग से जुड़े बड़े कारोबार में शामिल रहा है। इसके बाद धीरे धीरे विशाल कई आईएएस अधिकारियों का करीबी बन गया। साल 2012 में विशाल चौधरी ने विनायका फंडामेंटल रिसर्च एंड एजुकेशन सोसायटी की शुरूआत की थी। अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विशाल ने झारखंड स्कील डेवलपमेंट मिशन के साथ एक एमओयू किया, जिसमें 3000 युवाओं को प्रत्येक वर्ष कौशल विकास से जोड़ना था।